10 मार्च 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 10 मार्च 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 मार्च 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (07:45 तक), नक्षत्र पुष्य (00:51, 11 मार्च तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 07:49 से 09:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:12
रात 06:19 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 00:51 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:21 – 07:49शुभ
काल07:49 – 09:18टालें
शुभ09:18 – 10:47शुभ
रोग10:47 – 12:16टालें
उद्वेग12:16 – 13:45टालें
चर13:45 – 15:14सामान्य
लाभ15:14 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:12 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:14टालें
काल21:14 – 22:45टालें
लाभ22:45 – 00:16शुभ
उद्वेग00:16 – 01:47टालें
शुभ01:47 – 03:18शुभ
अमृत03:18 – 04:49शुभ
चर04:49 – 06:19सामान्य

10 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:45 तक
शुक्ल द्वादशी 08:14, 11 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 00:51, 11 मार्च तक
आश्लेषा 02:15, 12 मार्च तक
योग
शोभन 13:56 तक
अतिगंडअशुभ 13:17, 11 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:45 तक
बव 19:56 तक
बालव 08:14, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
14:39
चंद्रास्त
03:59
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
07:49 – 09:18
यमगंड
10:47 – 12:16
गुलिक काल
13:45 – 15:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2107:20दिन
शनि07:2008:19दिन
गुरु08:1909:18दिन
मंगल09:1810:18दिन
सूर्य10:1811:17दिन
शुक्र11:1712:16दिन
बुध12:1613:15दिन
चंद्र13:1514:15दिन
शनि14:1515:14दिन
गुरु15:1416:13दिन
मंगल16:1317:12दिन
सूर्य17:1218:12दिन
शुक्र18:1219:12रात
बुध19:1220:13रात
चंद्र20:1321:14रात
शनि21:1422:14रात
गुरु22:1423:15रात
मंगल23:1500:16रात
सूर्य00:1601:16रात
शुक्र01:1602:17रात
बुध02:1703:18रात
चंद्र03:1804:18रात
शनि04:1805:19रात
गुरु05:1906:19रात

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।