7 अप्रैल 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 7 अप्रैल 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 7 अप्रैल 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (20:00 तक), नक्षत्र पुष्य (06:24 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 07:25 से 08:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 18:26
रात 05:49 तक
तिथि
दशमी, 20:00 तक
एकादशी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:50 – 07:25शुभ
काल07:25 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:34शुभ
रोग10:34 – 12:08टालें
उद्वेग12:08 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:17सामान्य
लाभ15:17 – 16:51शुभ
अमृत16:51 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:26 – 19:51सामान्य
रोग19:51 – 21:17टालें
काल21:17 – 22:42टालें
लाभ22:42 – 00:07शुभ
उद्वेग00:07 – 01:33टालें
शुभ01:33 – 02:58शुभ
अमृत02:58 – 04:24शुभ
चर04:24 – 05:49सामान्य

7 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 20:00 तक
शुक्ल एकादशी 21:13, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 06:24 तक
आश्लेषा 07:55, 8 अप्रैल तक
योग
धृति 18:18 तक
शूलअशुभ 18:10, 8 अप्रैल तक
करण
तैतिल 07:37 तक
गर 20:00 तक
वणिज 08:32, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
13:34
चंद्रास्त
02:40
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
07:25 – 08:59
यमगंड
10:34 – 12:08
गुलिक काल
13:42 – 15:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5006:53दिन
शनि06:5307:56दिन
गुरु07:5608:59दिन
मंगल08:5910:02दिन
सूर्य10:0211:05दिन
शुक्र11:0512:08दिन
बुध12:0813:11दिन
चंद्र13:1114:14दिन
शनि14:1415:17दिन
गुरु15:1716:20दिन
मंगल16:2017:23दिन
सूर्य17:2318:26दिन
शुक्र18:2619:23रात
बुध19:2320:20रात
चंद्र20:2021:17रात
शनि21:1722:14रात
गुरु22:1423:11रात
मंगल23:1100:07रात
सूर्य00:0701:04रात
शुक्र01:0402:01रात
बुध02:0102:58रात
चंद्र02:5803:55रात
शनि03:5504:52रात
गुरु04:5205:49रात

अयनांश 24.2100° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।