20 अप्रैल 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 20 अप्रैल 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 20 अप्रैल 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (19:01 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (11:48 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 16:56 से 18:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 18:32
रात 05:36 तक
तिथि
सप्तमी, 19:01 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 11:48 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:37 – 07:14टालें
चर07:14 – 08:51सामान्य
लाभ08:51 – 10:28शुभ
अमृत10:28 – 12:05शुभ
काल12:05 – 13:42टालें
शुभ13:42 – 15:19शुभ
रोग15:19 – 16:56टालें
उद्वेग16:56 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:32 – 19:55शुभ
अमृत19:55 – 21:18शुभ
चर21:18 – 22:41सामान्य
रोग22:41 – 00:04टालें
काल00:04 – 01:27टालें
लाभ01:27 – 02:50शुभ
उद्वेग02:50 – 04:13टालें
शुभ04:13 – 05:36शुभ

20 अप्रैल 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 19:01 तक
कृष्ण अष्टमी 18:59, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 12:37, 21 अप्रैल तक
योग
सिद्ध 00:12, 21 अप्रैल तक
साध्य 23:00, 21 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:46 तक
बव 19:01 तक
बालव 07:05, 21 अप्रैल तक
चंद्र राशि
धनु 18:04 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
00:22
चंद्रास्त
10:43
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
16:56 – 18:32
यमगंड
12:05 – 13:42
गुलिक काल
15:19 – 16:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3706:42दिन
शुक्र06:4207:46दिन
बुध07:4608:51दिन
चंद्र08:5109:56दिन
शनि09:5611:00दिन
गुरु11:0012:05दिन
मंगल12:0513:09दिन
सूर्य13:0914:14दिन
शुक्र14:1415:19दिन
बुध15:1916:23दिन
चंद्र16:2317:28दिन
शनि17:2818:32दिन
गुरु18:3219:28रात
मंगल19:2820:23रात
सूर्य20:2321:18रात
शुक्र21:1822:14रात
बुध22:1423:09रात
चंद्र23:0900:04रात
शनि00:0401:00रात
गुरु01:0001:55रात
मंगल01:5502:50रात
सूर्य02:5003:46रात
शुक्र03:4604:41रात
बुध04:4105:36रात

अयनांश 24.2105° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।