21 अप्रैल 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 21 अप्रैल 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 21 अप्रैल 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (18:59 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:37 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 07:13 से 08:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:33
रात 05:35 तक
तिथि
अष्टमी, 18:59 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:37 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:36 – 07:13शुभ
काल07:13 – 08:50टालें
शुभ08:50 – 10:27शुभ
रोग10:27 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:19सामान्य
लाभ15:19 – 16:56शुभ
अमृत16:56 – 18:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:33 – 19:56सामान्य
रोग19:56 – 21:19टालें
काल21:19 – 22:41टालें
लाभ22:41 – 00:04शुभ
उद्वेग00:04 – 01:27टालें
शुभ01:27 – 02:50शुभ
अमृत02:50 – 04:12शुभ
चर04:12 – 05:35सामान्य

21 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 18:59 तक
कृष्ण नवमी 18:13, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 12:44, 22 अप्रैल तक
योग
साध्य 23:00 तक
शुभ 21:13, 22 अप्रैल तक
करण
बालव 07:05 तक
कौलव 18:59 तक
तैतिल 06:41, 22 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
01:08
चंद्रास्त
11:45
दिनमान
12h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
07:13 – 08:50
यमगंड
10:27 – 12:05
गुलिक काल
13:42 – 15:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3606:41दिन
शनि06:4107:46दिन
गुरु07:4608:50दिन
मंगल08:5009:55दिन
सूर्य09:5511:00दिन
शुक्र11:0012:05दिन
बुध12:0513:09दिन
चंद्र13:0914:14दिन
शनि14:1415:19दिन
गुरु15:1916:24दिन
मंगल16:2417:28दिन
सूर्य17:2818:33दिन
शुक्र18:3319:28रात
बुध19:2820:23रात
चंद्र20:2321:19रात
शनि21:1922:14रात
गुरु22:1423:09रात
मंगल23:0900:04रात
सूर्य00:0400:59रात
शुक्र00:5901:55रात
बुध01:5502:50रात
चंद्र02:5003:45रात
शनि03:4504:40रात
गुरु04:4005:35रात

अयनांश 24.2105° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।