10 मई 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 10 मई 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 मई 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (17:30 तक), नक्षत्र चित्रा (03:15, 11 मई तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 08:42 से 10:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:43
रात 05:21 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:30 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
चित्रा, 03:15 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:21 – 07:01टालें
शुभ07:01 – 08:42शुभ
रोग08:42 – 10:22टालें
उद्वेग10:22 – 12:02टालें
चर12:02 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:23शुभ
अमृत15:23 – 17:03शुभ
काल17:03 – 18:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:43 – 20:03शुभ
उद्वेग20:03 – 21:23टालें
शुभ21:23 – 22:42शुभ
अमृत22:42 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:22सामान्य
रोग01:22 – 02:41टालें
काल02:41 – 04:01टालें
लाभ04:01 – 05:21शुभ

10 मई 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 17:30 तक
शुक्ल चतुर्दशी 20:02, 11 मई तक
नक्षत्र
चित्रा 03:15, 11 मई तक
स्वाति 06:17, 12 मई तक
योग
सिद्धि 04:00, 11 मई तक
व्यतीपातअशुभ 05:00, 12 मई तक
करण
तैतिल 17:30 तक
गर 06:47, 11 मई तक
चंद्र राशि
कन्या 13:42 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
16:49
चंद्रास्त
03:42
दिनमान
13h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
08:42 – 10:22
यमगंड
13:43 – 15:23
गुलिक काल
05:21 – 07:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2106:28दिन
गुरु06:2807:35दिन
मंगल07:3508:42दिन
सूर्य08:4209:49दिन
शुक्र09:4910:55दिन
बुध10:5512:02दिन
चंद्र12:0213:09दिन
शनि13:0914:16दिन
गुरु14:1615:23दिन
मंगल15:2316:30दिन
सूर्य16:3017:37दिन
शुक्र17:3718:43दिन
बुध18:4319:37रात
चंद्र19:3720:30रात
शनि20:3021:23रात
गुरु21:2322:16रात
मंगल22:1623:09रात
सूर्य23:0900:02रात
शुक्र00:0200:55रात
बुध00:5501:48रात
चंद्र01:4802:41रात
शनि02:4103:34रात
गुरु03:3404:27रात
मंगल04:2705:21रात

अयनांश 24.2112° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।