16 जून 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 16 जून 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 जून 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (15:32 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (01:13, 17 जून तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 06:55 से 08:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:01
रात 05:12 तक
तिथि
पंचमी, 15:32 तक
षष्ठी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 01:13 तक
शतभिषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:12 – 06:55शुभ
काल06:55 – 08:39टालें
शुभ08:39 – 10:23शुभ
रोग10:23 – 12:06टालें
उद्वेग12:06 – 13:50टालें
चर13:50 – 15:34सामान्य
लाभ15:34 – 17:17शुभ
अमृत17:17 – 19:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:01 – 20:18सामान्य
रोग20:18 – 21:34टालें
काल21:34 – 22:50टालें
लाभ22:50 – 00:07शुभ
उद्वेग00:07 – 01:23टालें
शुभ01:23 – 02:39शुभ
अमृत02:39 – 03:56शुभ
चर03:56 – 05:12सामान्य

16 जून 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 15:32 तक
कृष्ण षष्ठी 14:47, 17 जून तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 01:13, 17 जून तक
शतभिषा 01:01, 18 जून तक
योग
वैधृतिअशुभ 11:06 तक
विष्कंभअशुभ 09:34, 17 जून तक
करण
तैतिल 15:32 तक
गर 03:12, 17 जून तक
वणिज 14:47, 17 जून तक
चंद्र राशि
मकर 13:09 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
23:03
चंद्रास्त
09:34
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
06:55 – 08:39
यमगंड
10:23 – 12:06
गुलिक काल
13:50 – 15:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1206:21दिन
शनि06:2107:30दिन
गुरु07:3008:39दिन
मंगल08:3909:48दिन
सूर्य09:4810:57दिन
शुक्र10:5712:06दिन
बुध12:0613:16दिन
चंद्र13:1614:25दिन
शनि14:2515:34दिन
गुरु15:3416:43दिन
मंगल16:4317:52दिन
सूर्य17:5219:01दिन
शुक्र19:0119:52रात
बुध19:5220:43रात
चंद्र20:4321:34रात
शनि21:3422:25रात
गुरु22:2523:16रात
मंगल23:1600:07रात
सूर्य00:0700:57रात
शुक्र00:5701:48रात
बुध01:4802:39रात
चंद्र02:3903:30रात
शनि03:3004:21रात
गुरु04:2105:12रात

अयनांश 24.2127° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।