30 जून 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 30 जून 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 जून 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:24 तक), नक्षत्र मघा (07:20 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:15 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 06:59 से 08:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:15 – 19:04
रात 05:16 तक
तिथि
पंचमी, 09:24 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:15 – 06:59शुभ
काल06:59 – 08:42टालें
शुभ08:42 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 12:09टालें
उद्वेग12:09 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:36सामान्य
लाभ15:36 – 17:20शुभ
अमृत17:20 – 19:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:04 – 20:20सामान्य
रोग20:20 – 21:37टालें
काल21:37 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:10शुभ
उद्वेग00:10 – 01:26टालें
शुभ01:26 – 02:43शुभ
अमृत02:43 – 03:59शुभ
चर03:59 – 05:16सामान्य

30 जून 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:24 तक
शुक्ल षष्ठी 10:21, 1 जुल॰ तक
नक्षत्र
मघा 07:20 तक
पूर्वा फाल्गुनी 08:54, 1 जुल॰ तक
योग
सिद्धि 17:20 तक
व्यतीपातअशुभ 17:18, 1 जुल॰ तक
करण
बालव 09:24 तक
कौलव 21:47 तक
तैतिल 10:21, 1 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:15
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
09:57
चंद्रास्त
22:49
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
06:59 – 08:42
यमगंड
10:26 – 12:09
गुलिक काल
13:53 – 15:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1506:24दिन
शनि06:2407:33दिन
गुरु07:3308:42दिन
मंगल08:4209:51दिन
सूर्य09:5111:00दिन
शुक्र11:0012:09दिन
बुध12:0913:18दिन
चंद्र13:1814:27दिन
शनि14:2715:36दिन
गुरु15:3616:46दिन
मंगल16:4617:55दिन
सूर्य17:5519:04दिन
शुक्र19:0419:55रात
बुध19:5520:46रात
चंद्र20:4621:37रात
शनि21:3722:28रात
गुरु22:2823:19रात
मंगल23:1900:10रात
सूर्य00:1001:01रात
शुक्र01:0101:52रात
बुध01:5202:43रात
चंद्र02:4303:34रात
शनि03:3404:25रात
गुरु04:2505:16रात

अयनांश 24.2132° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।