29 जून 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 29 जून 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 29 जून 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (09:15 तक), नक्षत्र आश्लेषा (06:34 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:15 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 17:20 से 19:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:15 – 19:04
रात 05:15 तक
तिथि
चतुर्थी, 09:15 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:15 – 06:58टालें
चर06:58 – 08:42सामान्य
लाभ08:42 – 10:26शुभ
अमृत10:26 – 12:09शुभ
काल12:09 – 13:53टालें
शुभ13:53 – 15:36शुभ
रोग15:36 – 17:20टालें
उद्वेग17:20 – 19:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:04 – 20:20शुभ
अमृत20:20 – 21:36शुभ
चर21:36 – 22:53सामान्य
रोग22:53 – 00:09टालें
काल00:09 – 01:26टालें
लाभ01:26 – 02:42शुभ
उद्वेग02:42 – 03:59टालें
शुभ03:59 – 05:15शुभ

29 जून 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 09:15 तक
शुक्ल पंचमी 09:24, 30 जून तक
नक्षत्र
मघा 07:20, 30 जून तक
योग
वज्रअशुभ 17:58 तक
सिद्धि 17:20, 30 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:15 तक
बव 21:13 तक
बालव 09:24, 30 जून तक
चंद्र राशि
कर्क 06:34 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:15
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
08:59
चंद्रास्त
22:19
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
17:20 – 19:04
यमगंड
12:09 – 13:53
गुलिक काल
15:36 – 17:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1506:24दिन
शुक्र06:2407:33दिन
बुध07:3308:42दिन
चंद्र08:4209:51दिन
शनि09:5111:00दिन
गुरु11:0012:09दिन
मंगल12:0913:18दिन
सूर्य13:1814:27दिन
शुक्र14:2715:36दिन
बुध15:3616:45दिन
चंद्र16:4517:54दिन
शनि17:5419:04दिन
गुरु19:0419:54रात
मंगल19:5420:45रात
सूर्य20:4521:36रात
शुक्र21:3622:27रात
बुध22:2723:18रात
चंद्र23:1800:09रात
शनि00:0901:00रात
गुरु01:0001:51रात
मंगल01:5102:42रात
सूर्य02:4203:33रात
शुक्र03:3304:24रात
बुध04:2405:15रात

अयनांश 24.2131° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।