4 जुलाई 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 जुलाई 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (16:32 तक), नक्षत्र चित्रा (16:50 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 10:27 से 12:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 19:04
रात 05:17 तक
तिथि
नवमी, 16:32 तक
दशमी
नक्षत्र
चित्रा, 16:50 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:17 – 07:00सामान्य
लाभ07:00 – 08:43शुभ
अमृत08:43 – 10:27शुभ
काल10:27 – 12:10टालें
शुभ12:10 – 13:53शुभ
रोग13:53 – 15:37टालें
उद्वेग15:37 – 17:20टालें
चर17:20 – 19:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:04 – 20:20टालें
काल20:20 – 21:37टालें
लाभ21:37 – 22:54शुभ
उद्वेग22:54 – 00:10टालें
शुभ00:10 – 01:27शुभ
अमृत01:27 – 02:44शुभ
चर02:44 – 04:00सामान्य
रोग04:00 – 05:17टालें

4 जुलाई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 16:32 तक
शुक्ल दशमी 18:59, 5 जुल॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 16:50 तक
स्वाति 19:51, 5 जुल॰ तक
योग
शिव 19:35 तक
सिद्ध 20:35, 5 जुल॰ तक
करण
कौलव 16:32 तक
तैतिल 05:46, 5 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
13:29
चंद्रास्त
00:14
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
10:27 – 12:10
यमगंड
15:37 – 17:20
गुलिक काल
07:00 – 08:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1706:26दिन
बुध06:2607:35दिन
चंद्र07:3508:43दिन
शनि08:4309:52दिन
गुरु09:5211:01दिन
मंगल11:0112:10दिन
सूर्य12:1013:19दिन
शुक्र13:1914:28दिन
बुध14:2815:37दिन
चंद्र15:3716:46दिन
शनि16:4617:55दिन
गुरु17:5519:04दिन
मंगल19:0419:55रात
सूर्य19:5520:46रात
शुक्र20:4621:37रात
बुध21:3722:28रात
चंद्र22:2823:19रात
शनि23:1900:10रात
गुरु00:1001:01रात
मंगल01:0101:53रात
सूर्य01:5302:44रात
शुक्र02:4403:35रात
बुध03:3504:26रात
चंद्र04:2605:17रात

अयनांश 24.2133° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।