25 सितंबर 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 25 सितंबर 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 सितंबर 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (07:06 तक), नक्षत्र स्वाति (19:08 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 13:28 से 14:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 17:59
रात 05:56 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 19:08 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:56 – 07:26शुभ
रोग07:26 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:27टालें
चर10:27 – 11:57सामान्य
लाभ11:57 – 13:28शुभ
अमृत13:28 – 14:58शुभ
काल14:58 – 16:28टालें
शुभ16:28 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:59 – 19:28शुभ
चर19:28 – 20:58सामान्य
रोग20:58 – 22:28टालें
काल22:28 – 23:57टालें
लाभ23:57 – 01:27शुभ
उद्वेग01:27 – 02:57टालें
शुभ02:57 – 04:26शुभ
अमृत04:26 – 05:56शुभ

25 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 07:06 तक
शुक्ल चतुर्थी 09:33, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 19:08 तक
विशाखा 22:09, 26 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:53 तक
विष्कंभअशुभ 22:50, 26 सित॰ तक
करण
गर 07:06 तक
वणिज 20:19 तक
विष्टि (भद्रा) 09:33, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
08:49
चंद्रास्त
19:46
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 14:58
यमगंड
05:56 – 07:26
गुलिक काल
08:56 – 10:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5606:56दिन
मंगल06:5607:56दिन
सूर्य07:5608:56दिन
शुक्र08:5609:57दिन
बुध09:5710:57दिन
चंद्र10:5711:57दिन
शनि11:5712:57दिन
गुरु12:5713:58दिन
मंगल13:5814:58दिन
सूर्य14:5815:58दिन
शुक्र15:5816:59दिन
बुध16:5917:59दिन
चंद्र17:5918:59रात
शनि18:5919:58रात
गुरु19:5820:58रात
मंगल20:5821:58रात
सूर्य21:5822:58रात
शुक्र22:5823:57रात
बुध23:5700:57रात
चंद्र00:5701:57रात
शनि01:5702:57रात
गुरु02:5703:56रात
मंगल03:5604:56रात
सूर्य04:5605:56रात

अयनांश 24.2165° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।