7 नवंबर 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (11:05 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:33, 8 नव॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 10:27 से 11:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:19
रात 06:20 तक
तिथि
द्वितीया, 11:05 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 00:33 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:19 – 07:42सामान्य
लाभ07:42 – 09:04शुभ
अमृत09:04 – 10:27शुभ
काल10:27 – 11:49टालें
शुभ11:49 – 13:12शुभ
रोग13:12 – 14:34टालें
उद्वेग14:34 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:19सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:19 – 18:57टालें
काल18:57 – 20:34टालें
लाभ20:34 – 22:12शुभ
उद्वेग22:12 – 23:50टालें
शुभ23:50 – 01:27शुभ
अमृत01:27 – 03:05शुभ
चर03:05 – 04:43सामान्य
रोग04:43 – 06:20टालें

7 नवंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 11:05 तक
कृष्ण तृतीया 07:32, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:33, 8 नव॰ तक
मृगशिरा 22:02, 8 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:27 तक
शिव 18:31, 8 नव॰ तक
करण
गर 11:05 तक
वणिज 21:16 तक
विष्टि (भद्रा) 07:32, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
18:45
चंद्रास्त
08:15
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
10:27 – 11:49
यमगंड
14:34 – 15:57
गुलिक काल
07:42 – 09:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1907:14दिन
बुध07:1408:09दिन
चंद्र08:0909:04दिन
शनि09:0409:59दिन
गुरु09:5910:54दिन
मंगल10:5411:49दिन
सूर्य11:4912:44दिन
शुक्र12:4413:39दिन
बुध13:3914:34दिन
चंद्र14:3415:29दिन
शनि15:2916:24दिन
गुरु16:2417:19दिन
मंगल17:1918:24रात
सूर्य18:2419:29रात
शुक्र19:2920:34रात
बुध20:3421:39रात
चंद्र21:3922:44रात
शनि22:4423:50रात
गुरु23:5000:55रात
मंगल00:5502:00रात
सूर्य02:0003:05रात
शुक्र03:0504:10रात
बुध04:1005:15रात
चंद्र05:1506:20रात

अयनांश 24.2182° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।