13 जनवरी 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 13 जनवरी 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (15:18 तक), नक्षत्र विशाखा (00:06, 14 जन॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 14:54 से 16:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 17:33
रात 06:56 तक
तिथि
दशमी, 15:18 तक
एकादशी
नक्षत्र
विशाखा, 00:06 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:56 – 08:16टालें
उद्वेग08:16 – 09:35टालें
चर09:35 – 10:55सामान्य
लाभ10:55 – 12:14शुभ
अमृत12:14 – 13:34शुभ
काल13:34 – 14:54टालें
शुभ14:54 – 16:13शुभ
रोग16:13 – 17:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:33 – 19:13टालें
लाभ19:13 – 20:54शुभ
उद्वेग20:54 – 22:34टालें
शुभ22:34 – 00:14शुभ
अमृत00:14 – 01:55शुभ
चर01:55 – 03:35सामान्य
रोग03:35 – 05:16टालें
काल05:16 – 06:56टालें

13 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 15:18 तक
कृष्ण एकादशी 17:53, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 00:06, 14 जन॰ तक
अनुराधा 03:03, 15 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 19:04 तक
गंडअशुभ 19:55, 14 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:18 तक
बव 04:36, 14 जन॰ तक
बालव 17:53, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 17:21 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
02:14
चंद्रास्त
12:58
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
14:54 – 16:13
यमगंड
09:35 – 10:55
गुलिक काल
12:14 – 13:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5607:49दिन
सूर्य07:4908:42दिन
शुक्र08:4209:35दिन
बुध09:3510:28दिन
चंद्र10:2811:21दिन
शनि11:2112:14दिन
गुरु12:1413:07दिन
मंगल13:0714:00दिन
सूर्य14:0014:54दिन
शुक्र14:5415:47दिन
बुध15:4716:40दिन
चंद्र16:4017:33दिन
शनि17:3318:40रात
गुरु18:4019:47रात
मंगल19:4720:54रात
सूर्य20:5422:00रात
शुक्र22:0023:07रात
बुध23:0700:14रात
चंद्र00:1401:21रात
शनि01:2102:28रात
गुरु02:2803:35रात
मंगल03:3504:42रात
सूर्य04:4205:49रात
शुक्र05:4906:56रात

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।