29 अप्रैल 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 29 अप्रैल 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (19:52 तक), नक्षत्र हस्त (00:16, 30 अप्रैल तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 18:37
रात 05:29 तक
तिथि
त्रयोदशी, 19:52 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त, 00:16 तक
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:29 – 07:08शुभ
अमृत07:08 – 08:46शुभ
काल08:46 – 10:25टालें
शुभ10:25 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:42टालें
उद्वेग13:42 – 15:20टालें
चर15:20 – 16:59सामान्य
लाभ16:59 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:37 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:20शुभ
अमृत21:20 – 22:41शुभ
चर22:41 – 00:03सामान्य
रोग00:03 – 01:24टालें
काल01:24 – 02:46टालें
लाभ02:46 – 04:07शुभ
उद्वेग04:07 – 05:29टालें

29 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 19:52 तक
शुक्ल चतुर्दशी 21:13, 30 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 00:16, 30 अप्रैल तक
चित्रा 02:16, 1 मई तक
योग
हर्षण 20:51 तक
वज्रअशुभ 20:55, 30 अप्रैल तक
करण
कौलव 07:19 तक
तैतिल 19:52 तक
गर 08:30, 30 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
16:39
चंद्रास्त
03:49
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:42
यमगंड
07:08 – 08:46
गुलिक काल
10:25 – 12:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2906:35दिन
चंद्र06:3507:41दिन
शनि07:4108:46दिन
गुरु08:4609:52दिन
मंगल09:5210:58दिन
सूर्य10:5812:03दिन
शुक्र12:0313:09दिन
बुध13:0914:15दिन
चंद्र14:1515:20दिन
शनि15:2016:26दिन
गुरु16:2617:32दिन
मंगल17:3218:37दिन
सूर्य18:3719:31रात
शुक्र19:3120:26रात
बुध20:2621:20रात
चंद्र21:2022:14रात
शनि22:1423:09रात
गुरु23:0900:03रात
मंगल00:0300:57रात
सूर्य00:5701:51रात
शुक्र01:5102:46रात
बुध02:4603:40रात
चंद्र03:4004:34रात
शनि04:3405:29रात

अयनांश 24.2248° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।