1 मई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 1 मई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 1 मई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (22:53 तक), नक्षत्र स्वाति (04:35, 2 मई तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 10:24 से 12:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 18:38
रात 05:27 तक
तिथि
पूर्णिमा, 22:53 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
स्वाति, 04:35 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:28 – 07:07सामान्य
लाभ07:07 – 08:45शुभ
अमृत08:45 – 10:24शुभ
काल10:24 – 12:03टालें
शुभ12:03 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:21टालें
उद्वेग15:21 – 16:59टालें
चर16:59 – 18:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:38 – 19:59टालें
काल19:59 – 21:20टालें
लाभ21:20 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:03टालें
शुभ00:03 – 01:24शुभ
अमृत01:24 – 02:45शुभ
चर02:45 – 04:06सामान्य
रोग04:06 – 05:27टालें

1 मई 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 22:53 तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:50, 3 मई तक
नक्षत्र
स्वाति 04:35, 2 मई तक
विशाखा 07:10, 3 मई तक
योग
सिद्धि 21:13 तक
व्यतीपातअशुभ 21:44, 2 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:00 तक
बव 22:53 तक
बालव 11:49, 2 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
18:29
चंद्रास्त
04:50
दिनमान
13h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:24 – 12:03
यमगंड
15:21 – 16:59
गुलिक काल
07:07 – 08:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2806:34दिन
बुध06:3407:40दिन
चंद्र07:4008:45दिन
शनि08:4509:51दिन
गुरु09:5110:57दिन
मंगल10:5712:03दिन
सूर्य12:0313:09दिन
शुक्र13:0914:15दिन
बुध14:1515:21दिन
चंद्र15:2116:27दिन
शनि16:2717:32दिन
गुरु17:3218:38दिन
मंगल18:3819:32रात
सूर्य19:3220:26रात
शुक्र20:2621:20रात
बुध21:2022:14रात
चंद्र22:1423:09रात
शनि23:0900:03रात
गुरु00:0300:57रात
मंगल00:5701:51रात
सूर्य01:5102:45रात
शुक्र02:4503:39रात
बुध03:3904:33रात
चंद्र04:3305:27रात

अयनांश 24.2249° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।