16 मई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 16 मई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 मई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:31, 17 मई तक), नक्षत्र भरणी (17:30 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:18 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 08:40 से 10:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:18 – 18:47
रात 05:17 तक
तिथि
अमावस्या, 01:31 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
भरणी, 17:30 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:18 – 06:59टालें
शुभ06:59 – 08:40शुभ
रोग08:40 – 10:21टालें
उद्वेग10:21 – 12:02टालें
चर12:02 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:24शुभ
अमृत15:24 – 17:06शुभ
काल17:06 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:47 – 20:05शुभ
उद्वेग20:05 – 21:24टालें
शुभ21:24 – 22:43शुभ
अमृत22:43 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:21सामान्य
रोग01:21 – 02:40टालें
काल02:40 – 03:58टालें
लाभ03:58 – 05:17शुभ

16 मई 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 01:31, 17 मई तक
शुक्ल प्रतिपदा 21:41, 17 मई तक
नक्षत्र
भरणी 17:30 तक
कृत्तिका 14:32, 17 मई तक
योग
सौभाग्य 10:25 तक
शोभन 06:15, 17 मई तक
करण
चतुष्पद 15:23 तक
नाग 01:31, 17 मई तक
किंस्तुघ्न 11:36, 17 मई तक
चंद्र राशि
मेष 22:46 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:18
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
04:24
चंद्रास्त
18:28
दिनमान
13h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
08:40 – 10:21
यमगंड
13:43 – 15:24
गुलिक काल
05:18 – 06:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1806:25दिन
गुरु06:2507:33दिन
मंगल07:3308:40दिन
सूर्य08:4009:47दिन
शुक्र09:4710:55दिन
बुध10:5512:02दिन
चंद्र12:0213:10दिन
शनि13:1014:17दिन
गुरु14:1715:24दिन
मंगल15:2416:32दिन
सूर्य16:3217:39दिन
शुक्र17:3918:47दिन
बुध18:4719:39रात
चंद्र19:3920:32रात
शनि20:3221:24रात
गुरु21:2422:17रात
मंगल22:1723:09रात
सूर्य23:0900:02रात
शुक्र00:0200:55रात
बुध00:5501:47रात
चंद्र01:4702:40रात
शनि02:4003:32रात
गुरु03:3204:25रात
मंगल04:2505:17रात

अयनांश 24.2254° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।