17 मई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 17 मई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 17 मई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (21:41 तक), नक्षत्र कृत्तिका (14:32 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 17:06 से 18:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 18:47
रात 05:17 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:41 तक
द्वितीया
नक्षत्र
कृत्तिका, 14:32 तक
रोहिणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:17 – 06:59टालें
चर06:59 – 08:40सामान्य
लाभ08:40 – 10:21शुभ
अमृत10:21 – 12:02शुभ
काल12:02 – 13:43टालें
शुभ13:43 – 15:25शुभ
रोग15:25 – 17:06टालें
उद्वेग17:06 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:47 – 20:06शुभ
अमृत20:06 – 21:25शुभ
चर21:25 – 22:43सामान्य
रोग22:43 – 00:02टालें
काल00:02 – 01:21टालें
लाभ01:21 – 02:39शुभ
उद्वेग02:39 – 03:58टालें
शुभ03:58 – 05:17शुभ

17 मई 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:41 तक
शुक्ल द्वितीया 17:53, 18 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:32, 18 मई तक
योग
शोभन 06:15 तक
अतिगंडअशुभ 01:59, 18 मई तक
सुकर्मा 21:47, 18 मई तक
करण
किंस्तुघ्न 11:36 तक
बव 21:41 तक
बालव 07:46, 18 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
05:14
चंद्रास्त
19:41
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
17:06 – 18:47
यमगंड
12:02 – 13:43
गुलिक काल
15:25 – 17:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1706:25दिन
शुक्र06:2507:32दिन
बुध07:3208:40दिन
चंद्र08:4009:47दिन
शनि09:4710:55दिन
गुरु10:5512:02दिन
मंगल12:0213:10दिन
सूर्य13:1014:17दिन
शुक्र14:1715:25दिन
बुध15:2516:32दिन
चंद्र16:3217:40दिन
शनि17:4018:47दिन
गुरु18:4719:40रात
मंगल19:4020:32रात
सूर्य20:3221:25रात
शुक्र21:2522:17रात
बुध22:1723:10रात
चंद्र23:1000:02रात
शनि00:0200:54रात
गुरु00:5401:47रात
मंगल01:4702:39रात
सूर्य02:3903:32रात
शुक्र03:3204:24रात
बुध04:2405:17रात

अयनांश 24.2255° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।