27 मई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 27 मई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 27 मई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:22 तक), नक्षत्र हस्त (05:56 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 18:53
रात 05:13 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:13 – 06:56शुभ
अमृत06:56 – 08:38शुभ
काल08:38 – 10:21टालें
शुभ10:21 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:28टालें
चर15:28 – 17:10सामान्य
लाभ17:10 – 18:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:53 – 20:10टालें
शुभ20:10 – 21:28शुभ
अमृत21:28 – 22:45शुभ
चर22:45 – 00:03सामान्य
रोग00:03 – 01:20टालें
काल01:20 – 02:38टालें
लाभ02:38 – 03:55शुभ
उद्वेग03:55 – 05:13टालें

27 मई 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:22 तक
शुक्ल द्वादशी 07:57, 28 मई तक
नक्षत्र
हस्त 05:56 तक
चित्रा 08:08, 28 मई तक
योग
व्यतीपातअशुभ 03:25, 28 मई तक
वरीयान 03:54, 29 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:22 तक
बव 19:07 तक
बालव 07:57, 28 मई तक
चंद्र राशि
कन्या 19:00 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
15:29
चंद्रास्त
02:21
दिनमान
13h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:45
यमगंड
06:56 – 08:38
गुलिक काल
10:21 – 12:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1306:22दिन
चंद्र06:2207:30दिन
शनि07:3008:38दिन
गुरु08:3809:46दिन
मंगल09:4610:55दिन
सूर्य10:5512:03दिन
शुक्र12:0313:11दिन
बुध13:1114:20दिन
चंद्र14:2015:28दिन
शनि15:2816:36दिन
गुरु16:3617:44दिन
मंगल17:4418:53दिन
सूर्य18:5319:44रात
शुक्र19:4420:36रात
बुध20:3621:28रात
चंद्र21:2822:19रात
शनि22:1923:11रात
गुरु23:1100:03रात
मंगल00:0300:55रात
सूर्य00:5501:46रात
शुक्र01:4602:38रात
बुध02:3803:30रात
चंद्र03:3004:21रात
शनि04:2105:13रात

अयनांश 24.2258° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।