14 जून 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 14 जून 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 14 जून 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (12:20 तक), नक्षत्र रोहिणी (22:14 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 17:17 से 19:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:00
रात 05:12 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:20 तक
अमावस्या
नक्षत्र
रोहिणी, 22:14 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:12 – 06:55टालें
चर06:55 – 08:39सामान्य
लाभ08:39 – 10:22शुभ
अमृत10:22 – 12:06शुभ
काल12:06 – 13:50टालें
शुभ13:50 – 15:33शुभ
रोग15:33 – 17:17टालें
उद्वेग17:17 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:00 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:33शुभ
चर21:33 – 22:50सामान्य
रोग22:50 – 00:06टालें
काल00:06 – 01:22टालें
लाभ01:22 – 02:39शुभ
उद्वेग02:39 – 03:55टालें
शुभ03:55 – 05:12शुभ

14 जून 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 12:20 तक
अमावस्या 08:24, 15 जून तक
नक्षत्र
रोहिणी 22:14 तक
मृगशिरा 19:08, 15 जून तक
योग
धृति 13:15 तक
शूलअशुभ 08:55, 15 जून तक
करण
शकुनि 12:20 तक
चतुष्पद 22:22 तक
नाग 08:24, 15 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
03:52
चंद्रास्त
18:28
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
17:17 – 19:00
यमगंड
12:06 – 13:50
गुलिक काल
15:33 – 17:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1206:21दिन
शुक्र06:2107:30दिन
बुध07:3008:39दिन
चंद्र08:3909:48दिन
शनि09:4810:57दिन
गुरु10:5712:06दिन
मंगल12:0613:15दिन
सूर्य13:1514:24दिन
शुक्र14:2415:33दिन
बुध15:3316:42दिन
चंद्र16:4217:51दिन
शनि17:5119:00दिन
गुरु19:0019:51रात
मंगल19:5120:42रात
सूर्य20:4221:33रात
शुक्र21:3322:24रात
बुध22:2423:15रात
चंद्र23:1500:06रात
शनि00:0600:57रात
गुरु00:5701:48रात
मंगल01:4802:39रात
सूर्य02:3903:30रात
शुक्र03:3004:21रात
बुध04:2105:12रात

अयनांश 24.2265° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।