24 जून 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 24 जून 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 24 जून 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (18:12 तक), नक्षत्र चित्रा (13:59 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 12:08 से 13:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 19:03
रात 05:14 तक
तिथि
दशमी, 18:12 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा, 13:59 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:13 – 06:57शुभ
अमृत06:57 – 08:41शुभ
काल08:41 – 10:24टालें
शुभ10:24 – 12:08शुभ
रोग12:08 – 13:52टालें
उद्वेग13:52 – 15:36टालें
चर15:36 – 17:19सामान्य
लाभ17:19 – 19:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:03 – 20:19टालें
शुभ20:19 – 21:36शुभ
अमृत21:36 – 22:52शुभ
चर22:52 – 00:08सामान्य
रोग00:08 – 01:25टालें
काल01:25 – 02:41टालें
लाभ02:41 – 03:57शुभ
उद्वेग03:57 – 05:14टालें

24 जून 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल दशमी 18:12 तक
शुक्ल एकादशी 20:09, 25 जून तक
नक्षत्र
चित्रा 13:59 तक
स्वाति 16:29, 25 जून तक
योग
परिघअशुभ 10:23 तक
शिव 10:53, 25 जून तक
करण
तैतिल 05:22 तक
गर 18:12 तक
वणिज 07:08, 25 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
14:19
चंद्रास्त
00:54
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:36 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:08 – 13:52
यमगंड
06:57 – 08:41
गुलिक काल
10:24 – 12:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1306:22दिन
चंद्र06:2207:32दिन
शनि07:3208:41दिन
गुरु08:4109:50दिन
मंगल09:5010:59दिन
सूर्य10:5912:08दिन
शुक्र12:0813:17दिन
बुध13:1714:26दिन
चंद्र14:2615:36दिन
शनि15:3616:45दिन
गुरु16:4517:54दिन
मंगल17:5419:03दिन
सूर्य19:0319:54रात
शुक्र19:5420:45रात
बुध20:4521:36रात
चंद्र21:3622:26रात
शनि22:2623:17रात
गुरु23:1700:08रात
मंगल00:0800:59रात
सूर्य00:5901:50रात
शुक्र01:5002:41रात
बुध02:4103:32रात
चंद्र03:3204:23रात
शनि04:2305:14रात

अयनांश 24.2269° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।