4 जुलाई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 4 जुलाई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 जुलाई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (12:40 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (13:44 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 08:43 से 10:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 19:04
रात 05:17 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 13:44 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:17 – 07:00टालें
शुभ07:00 – 08:43शुभ
रोग08:43 – 10:27टालें
उद्वेग10:27 – 12:10टालें
चर12:10 – 13:53सामान्य
लाभ13:53 – 15:37शुभ
अमृत15:37 – 17:20शुभ
काल17:20 – 19:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:04 – 20:20शुभ
उद्वेग20:20 – 21:37टालें
शुभ21:37 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:10शुभ
चर00:10 – 01:27सामान्य
रोग01:27 – 02:44टालें
काल02:44 – 04:00टालें
लाभ04:00 – 05:17शुभ

4 जुलाई 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:40 तक
कृष्ण पंचमी 13:31, 5 जुल॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:12, 5 जुल॰ तक
योग
प्रीति 17:01 तक
आयुष्मान 16:40, 5 जुल॰ तक
करण
बालव 12:40 तक
कौलव 01:09, 5 जुल॰ तक
तैतिल 13:31, 5 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
22:02
चंद्रास्त
08:54
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
08:43 – 10:27
यमगंड
13:53 – 15:37
गुलिक काल
05:17 – 07:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1706:25दिन
गुरु06:2507:34दिन
मंगल07:3408:43दिन
सूर्य08:4309:52दिन
शुक्र09:5211:01दिन
बुध11:0112:10दिन
चंद्र12:1013:19दिन
शनि13:1914:28दिन
गुरु14:2815:37दिन
मंगल15:3716:46दिन
सूर्य16:4617:55दिन
शुक्र17:5519:04दिन
बुध19:0419:55रात
चंद्र19:5520:46रात
शनि20:4621:37रात
गुरु21:3722:28रात
मंगल22:2823:19रात
सूर्य23:1900:10रात
शुक्र00:1001:01रात
बुध01:0101:52रात
चंद्र01:5202:44रात
शनि02:4403:35रात
गुरु03:3504:26रात
मंगल04:2605:17रात

अयनांश 24.2273° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।