7 मार्च 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 7 मार्च 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 मार्च 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (13:46 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:42 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 16:42 से 18:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 18:10
रात 06:23 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:46 तक
अमावस्या
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:24 – 07:52टालें
चर07:52 – 09:21सामान्य
लाभ09:21 – 10:49शुभ
अमृत10:49 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:45टालें
शुभ13:45 – 15:13शुभ
रोग15:13 – 16:42टालें
उद्वेग16:42 – 18:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:10 – 19:42शुभ
अमृत19:42 – 21:13शुभ
चर21:13 – 22:45सामान्य
रोग22:45 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:48टालें
लाभ01:48 – 03:20शुभ
उद्वेग03:20 – 04:51टालें
शुभ04:51 – 06:23शुभ

7 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 13:46 तक
अमावस्या 14:59, 8 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:35, 8 मार्च तक
योग
सिद्ध 03:06, 8 मार्च तक
साध्य 02:43, 9 मार्च तक
करण
शकुनि 13:46 तक
चतुष्पद 02:27, 8 मार्च तक
नाग 14:59, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
05:38
चंद्रास्त
17:20
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
16:42 – 18:10
यमगंड
12:17 – 13:45
गुलिक काल
15:13 – 16:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2407:23दिन
शुक्र07:2308:22दिन
बुध08:2209:21दिन
चंद्र09:2110:19दिन
शनि10:1911:18दिन
गुरु11:1812:17दिन
मंगल12:1713:16दिन
सूर्य13:1614:15दिन
शुक्र14:1515:13दिन
बुध15:1316:12दिन
चंद्र16:1217:11दिन
शनि17:1118:10दिन
गुरु18:1019:11रात
मंगल19:1120:12रात
सूर्य20:1221:13रात
शुक्र21:1322:14रात
बुध22:1423:15रात
चंद्र23:1500:16रात
शनि00:1601:18रात
गुरु01:1802:19रात
मंगल02:1903:20रात
सूर्य03:2004:21रात
शुक्र04:2105:22रात
बुध05:2206:23रात

अयनांश 24.2367° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।