28 मई 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 मई 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 28 मई 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (06:26 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (07:14 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 10:21 से 12:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 18:53
रात 05:13 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:13 – 06:56सामान्य
लाभ06:56 – 08:38शुभ
अमृत08:38 – 10:21शुभ
काल10:21 – 12:03टालें
शुभ12:03 – 13:46शुभ
रोग13:46 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 17:11टालें
चर17:11 – 18:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:53 – 20:10टालें
काल20:10 – 21:28टालें
लाभ21:28 – 22:45शुभ
उद्वेग22:45 – 00:03टालें
शुभ00:03 – 01:20शुभ
अमृत01:20 – 02:38शुभ
चर02:38 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:13टालें

28 मई 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 06:26 तक
कृष्ण अष्टमी 08:20, 29 मई तक
नक्षत्र
शतभिषा 09:42, 29 मई तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:34, 29 मई तक
विष्कंभअशुभ 03:43, 30 मई तक
करण
बव 06:26 तक
बालव 19:27 तक
कौलव 08:20, 29 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
00:05
चंद्रास्त
11:43
दिनमान
13h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
10:21 – 12:03
यमगंड
15:28 – 17:11
गुलिक काल
06:56 – 08:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1306:21दिन
बुध06:2107:30दिन
चंद्र07:3008:38दिन
शनि08:3809:46दिन
गुरु09:4610:55दिन
मंगल10:5512:03दिन
सूर्य12:0313:11दिन
शुक्र13:1114:20दिन
बुध14:2015:28दिन
चंद्र15:2816:36दिन
शनि16:3617:45दिन
गुरु17:4518:53दिन
मंगल18:5319:45रात
सूर्य19:4520:36रात
शुक्र20:3621:28रात
बुध21:2822:20रात
चंद्र22:2023:11रात
शनि23:1100:03रात
गुरु00:0300:55रात
मंगल00:5501:46रात
सूर्य01:4602:38रात
शुक्र02:3803:30रात
बुध03:3004:21रात
चंद्र04:2105:13रात

अयनांश 24.2398° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।