9 जून 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 9 जून 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 9 जून 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:35 तक), नक्षत्र आश्लेषा (19:48 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 12:05 से 13:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:59
रात 05:11 तक
तिथि
पंचमी, 09:35 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आश्लेषा, 19:48 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:11 – 06:55शुभ
अमृत06:55 – 08:38शुभ
काल08:38 – 10:22टालें
शुभ10:22 – 12:05शुभ
रोग12:05 – 13:48टालें
उद्वेग13:48 – 15:32टालें
चर15:32 – 17:15सामान्य
लाभ17:15 – 18:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:59 – 20:15टालें
शुभ20:15 – 21:32शुभ
अमृत21:32 – 22:48शुभ
चर22:48 – 00:05सामान्य
रोग00:05 – 01:22टालें
काल01:22 – 02:38टालें
लाभ02:38 – 03:55शुभ
उद्वेग03:55 – 05:11टालें

9 जून 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:35 तक
शुक्ल षष्ठी 07:12, 10 जून तक
नक्षत्र
मघा 18:24, 10 जून तक
योग
व्याघातअशुभ 18:17 तक
हर्षण 15:24, 10 जून तक
करण
बालव 09:35 तक
कौलव 20:20 तक
तैतिल 07:12, 10 जून तक
चंद्र राशि
कर्क 19:48 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
09:48
चंद्रास्त
23:10
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:30
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:33 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:05 – 13:48
यमगंड
06:55 – 08:38
गुलिक काल
10:22 – 12:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1106:20दिन
चंद्र06:2007:29दिन
शनि07:2908:38दिन
गुरु08:3809:47दिन
मंगल09:4710:56दिन
सूर्य10:5612:05दिन
शुक्र12:0513:14दिन
बुध13:1414:23दिन
चंद्र14:2315:32दिन
शनि15:3216:41दिन
गुरु16:4117:50दिन
मंगल17:5018:59दिन
सूर्य18:5919:50रात
शुक्र19:5020:41रात
बुध20:4121:32रात
चंद्र21:3222:23रात
शनि22:2323:14रात
गुरु23:1400:05रात
मंगल00:0500:56रात
सूर्य00:5601:47रात
शुक्र01:4702:38रात
बुध02:3803:29रात
चंद्र03:2904:20रात
शनि04:2005:11रात

अयनांश 24.2403° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।