6 सितंबर 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 6 सितंबर 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 सितंबर 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:58 तक), नक्षत्र विशाखा (14:59 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 07:21 से 08:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 18:21
रात 05:48 तक
तिथि
षष्ठी, 10:58 तक
सप्तमी
नक्षत्र
विशाखा, 14:59 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:47 – 07:21शुभ
काल07:21 – 08:56टालें
शुभ08:56 – 10:30शुभ
रोग10:30 – 12:04टालें
उद्वेग12:04 – 13:38टालें
चर13:38 – 15:12सामान्य
लाभ15:12 – 16:47शुभ
अमृत16:47 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:21 – 19:47सामान्य
रोग19:47 – 21:13टालें
काल21:13 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:04शुभ
उद्वेग00:04 – 01:30टालें
शुभ01:30 – 02:56शुभ
अमृत02:56 – 04:22शुभ
चर04:22 – 05:48सामान्य

6 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:58 तक
शुक्ल सप्तमी 11:28, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 14:59 तक
अनुराधा 16:16, 7 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:48, 7 सित॰ तक
विष्कंभअशुभ 03:36, 8 सित॰ तक
करण
तैतिल 10:58 तक
गर 23:07 तक
वणिज 11:28, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 08:47 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
11:26
चंद्रास्त
22:00
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
07:21 – 08:56
यमगंड
10:30 – 12:04
गुलिक काल
13:38 – 15:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4706:50दिन
शनि06:5007:53दिन
गुरु07:5308:56दिन
मंगल08:5609:58दिन
सूर्य09:5811:01दिन
शुक्र11:0112:04दिन
बुध12:0413:07दिन
चंद्र13:0714:10दिन
शनि14:1015:12दिन
गुरु15:1216:15दिन
मंगल16:1517:18दिन
सूर्य17:1818:21दिन
शुक्र18:2119:18रात
बुध19:1820:15रात
चंद्र20:1521:13रात
शनि21:1322:10रात
गुरु22:1023:07रात
मंगल23:0700:04रात
सूर्य00:0401:01रात
शुक्र01:0101:59रात
बुध01:5902:56रात
चंद्र02:5603:53रात
शनि03:5304:50रात
गुरु04:5005:48रात

अयनांश 24.2437° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।