29 मई 2028 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 29 मई 2028, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 मई 2028 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (06:26 तक), नक्षत्र पुष्य (11:05 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 06:55 से 08:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 18:54
रात 05:12 तक
तिथि
षष्ठी, 04:22 तक
नक्षत्र
पुष्य, 11:05 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:13 – 06:55शुभ
काल06:55 – 08:38टालें
शुभ08:38 – 10:21शुभ
रोग10:21 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:46टालें
चर13:46 – 15:29सामान्य
लाभ15:29 – 17:11शुभ
अमृत17:11 – 18:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:54 – 20:11सामान्य
रोग20:11 – 21:29टालें
काल21:29 – 22:46टालें
लाभ22:46 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:20टालें
शुभ01:20 – 02:38शुभ
अमृत02:38 – 03:55शुभ
चर03:55 – 05:12सामान्य

29 मई 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 06:26 तक
शुक्ल षष्ठी 04:22, 30 मई तक
शुक्ल सप्तमी 02:12, 31 मई तक
नक्षत्र
पुष्य 11:05 तक
आश्लेषा 09:46, 30 मई तक
योग
ध्रुव 01:46, 30 मई तक
व्याघातअशुभ 22:57, 30 मई तक
करण
बालव 06:26 तक
कौलव 17:25 तक
तैतिल 04:22, 30 मई तक
गर 15:18, 30 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
09:53
चंद्रास्त
23:21
दिनमान
13h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
06:55 – 08:38
यमगंड
10:21 – 12:03
गुलिक काल
13:46 – 15:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1306:21दिन
शनि06:2107:30दिन
गुरु07:3008:38दिन
मंगल08:3809:46दिन
सूर्य09:4610:55दिन
शुक्र10:5512:03दिन
बुध12:0313:12दिन
चंद्र13:1214:20दिन
शनि14:2015:29दिन
गुरु15:2916:37दिन
मंगल16:3717:45दिन
सूर्य17:4518:54दिन
शुक्र18:5419:45रात
बुध19:4520:37रात
चंद्र20:3721:29रात
शनि21:2922:20रात
गुरु22:2023:12रात
मंगल23:1200:03रात
सूर्य00:0300:55रात
शुक्र00:5501:46रात
बुध01:4602:38रात
चंद्र02:3803:29रात
शनि03:2904:21रात
गुरु04:2105:12रात

अयनांश 24.2539° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।