6 जून 2028 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 6 जून 2028, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 जून 2028 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:30 तक), नक्षत्र अनुराधा (00:39, 7 जून तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 15:31 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:58
रात 05:11 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:30 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
अनुराधा, 00:39 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:11 – 06:55टालें
उद्वेग06:55 – 08:38टालें
चर08:38 – 10:21सामान्य
लाभ10:21 – 12:05शुभ
अमृत12:05 – 13:48शुभ
काल13:48 – 15:31टालें
शुभ15:31 – 17:14शुभ
रोग17:14 – 18:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:58 – 20:14टालें
लाभ20:14 – 21:31शुभ
उद्वेग21:31 – 22:48टालें
शुभ22:48 – 00:05शुभ
अमृत00:05 – 01:21शुभ
चर01:21 – 02:38सामान्य
रोग02:38 – 03:55टालें
काल03:55 – 05:11टालें

6 जून 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:30 तक
पूर्णिमा 11:38, 7 जून तक
नक्षत्र
अनुराधा 00:39, 7 जून तक
ज्येष्ठा 00:48, 8 जून तक
योग
सिद्ध 02:20, 7 जून तक
साध्य 00:52, 8 जून तक
करण
वणिज 12:30 तक
विष्टि (भद्रा) 00:00, 7 जून तक
बव 11:38, 7 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
18:19
चंद्रास्त
03:57
दिनमान
13h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:30
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
15:31 – 17:14
यमगंड
08:38 – 10:21
गुलिक काल
12:05 – 13:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1106:20दिन
सूर्य06:2007:29दिन
शुक्र07:2908:38दिन
बुध08:3809:47दिन
चंद्र09:4710:56दिन
शनि10:5612:05दिन
गुरु12:0513:13दिन
मंगल13:1314:22दिन
सूर्य14:2215:31दिन
शुक्र15:3116:40दिन
बुध16:4017:49दिन
चंद्र17:4918:58दिन
शनि18:5819:49रात
गुरु19:4920:40रात
मंगल20:4021:31रात
सूर्य21:3122:22रात
शुक्र22:2223:13रात
बुध23:1300:05रात
चंद्र00:0500:56रात
शनि00:5601:47रात
गुरु01:4702:38रात
मंगल02:3803:29रात
सूर्य03:2904:20रात
शुक्र04:2005:11रात

अयनांश 24.2542° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।