23 जुलाई 2028 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 23 जुलाई 2028, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 23 जुलाई 2028 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (02:10, 24 जुल॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (00:10, 24 जुल॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 17:17 से 18:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 18:58
रात 05:26 तक
तिथि
द्वितीया, 02:10 तक
तृतीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 00:10 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:26 – 07:07टालें
चर07:07 – 08:49सामान्य
लाभ08:49 – 10:31शुभ
अमृत10:31 – 12:12शुभ
काल12:12 – 13:54टालें
शुभ13:54 – 15:35शुभ
रोग15:35 – 17:17टालें
उद्वेग17:17 – 18:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:58 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:35शुभ
चर21:35 – 22:54सामान्य
रोग22:54 – 00:12टालें
काल00:12 – 01:31टालें
लाभ01:31 – 02:49शुभ
उद्वेग02:49 – 04:08टालें
शुभ04:08 – 05:26शुभ

23 जुलाई 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 02:10, 24 जुल॰ तक
शुक्ल तृतीया 22:53, 24 जुल॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 00:10, 24 जुल॰ तक
मघा 21:41, 24 जुल॰ तक
योग
सिद्धि 18:21 तक
व्यतीपातअशुभ 14:34, 24 जुल॰ तक
करण
बालव 15:49 तक
कौलव 02:10, 24 जुल॰ तक
तैतिल 12:31, 24 जुल॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 00:10, 24 जुल॰ तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
06:31
चंद्रास्त
19:55
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
17:17 – 18:58
यमगंड
12:12 – 13:54
गुलिक काल
15:35 – 17:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2606:33दिन
शुक्र06:3307:41दिन
बुध07:4108:49दिन
चंद्र08:4909:57दिन
शनि09:5711:04दिन
गुरु11:0412:12दिन
मंगल12:1213:20दिन
सूर्य13:2014:28दिन
शुक्र14:2815:35दिन
बुध15:3516:43दिन
चंद्र16:4317:51दिन
शनि17:5118:58दिन
गुरु18:5819:51रात
मंगल19:5120:43रात
सूर्य20:4321:35रात
शुक्र21:3522:28रात
बुध22:2823:20रात
चंद्र23:2000:12रात
शनि00:1201:05रात
गुरु01:0501:57रात
मंगल01:5702:49रात
सूर्य02:4903:42रात
शुक्र03:4204:34रात
बुध04:3405:26रात

अयनांश 24.2560° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।