1 अप्रैल 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 1 अप्रैल 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 अप्रैल 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (20:44 तक), नक्षत्र स्वाति (14:26 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 16:50 से 18:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:23
रात 05:56 तक
तिथि
तृतीया, 20:44 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 14:26 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:57 – 07:30टालें
चर07:30 – 09:03सामान्य
लाभ09:03 – 10:36शुभ
अमृत10:36 – 12:10शुभ
काल12:10 – 13:43टालें
शुभ13:43 – 15:16शुभ
रोग15:16 – 16:50टालें
उद्वेग16:50 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:23 – 19:49शुभ
अमृत19:49 – 21:16शुभ
चर21:16 – 22:43सामान्य
रोग22:43 – 00:09टालें
काल00:09 – 01:36टालें
लाभ01:36 – 03:02शुभ
उद्वेग03:02 – 04:29टालें
शुभ04:29 – 05:56शुभ

1 अप्रैल 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 20:44 तक
कृष्ण चतुर्थी 17:49, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 14:26 तक
विशाखा 12:08, 2 अप्रैल तक
योग
हर्षण 12:58 तक
वज्रअशुभ 09:15, 2 अप्रैल तक
करण
वणिज 10:24 तक
विष्टि (भद्रा) 20:44 तक
बव 07:12, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
21:10
चंद्रास्त
07:10
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
16:50 – 18:23
यमगंड
12:10 – 13:43
गुलिक काल
15:16 – 16:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5706:59दिन
शुक्र06:5908:01दिन
बुध08:0109:03दिन
चंद्र09:0310:05दिन
शनि10:0511:08दिन
गुरु11:0812:10दिन
मंगल12:1013:12दिन
सूर्य13:1214:14दिन
शुक्र14:1415:16दिन
बुध15:1616:19दिन
चंद्र16:1917:21दिन
शनि17:2118:23दिन
गुरु18:2319:21रात
मंगल19:2120:18रात
सूर्य20:1821:16रात
शुक्र21:1622:14रात
बुध22:1423:11रात
चंद्र23:1100:09रात
शनि00:0901:07रात
गुरु01:0702:05रात
मंगल02:0503:02रात
सूर्य03:0204:00रात
शुक्र04:0004:58रात
बुध04:5805:56रात

अयनांश 24.2656° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।