16 जून 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 16 जून 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 जून 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (08:59 तक), नक्षत्र आश्लेषा (04:27, 17 जून तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 08:39 से 10:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:01
रात 05:12 तक
तिथि
चतुर्थी, 08:59 तक
पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 04:27 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:12 – 06:55टालें
शुभ06:55 – 08:39शुभ
रोग08:39 – 10:23टालें
उद्वेग10:23 – 12:06टालें
चर12:06 – 13:50सामान्य
लाभ13:50 – 15:34शुभ
अमृत15:34 – 17:18शुभ
काल17:18 – 19:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:01 – 20:18शुभ
उद्वेग20:18 – 21:34टालें
शुभ21:34 – 22:50शुभ
अमृत22:50 – 00:07शुभ
चर00:07 – 01:23सामान्य
रोग01:23 – 02:39टालें
काल02:39 – 03:56टालें
लाभ03:56 – 05:12शुभ

16 जून 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 08:59 तक
शुक्ल पंचमी 07:50, 17 जून तक
नक्षत्र
आश्लेषा 04:27, 17 जून तक
मघा 03:44, 18 जून तक
योग
व्याघातअशुभ 14:28 तक
हर्षण 12:26, 17 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:59 तक
बव 20:28 तक
बालव 07:50, 17 जून तक
चंद्र राशि
कर्क 04:27, 17 जून तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
08:58
चंद्रास्त
22:14
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
08:39 – 10:23
यमगंड
13:50 – 15:34
गुलिक काल
05:12 – 06:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1206:21दिन
गुरु06:2107:30दिन
मंगल07:3008:39दिन
सूर्य08:3909:48दिन
शुक्र09:4810:57दिन
बुध10:5712:06दिन
चंद्र12:0613:16दिन
शनि13:1614:25दिन
गुरु14:2515:34दिन
मंगल15:3416:43दिन
सूर्य16:4317:52दिन
शुक्र17:5219:01दिन
बुध19:0119:52रात
चंद्र19:5220:43रात
शनि20:4321:34रात
गुरु21:3422:25रात
मंगल22:2523:16रात
सूर्य23:1600:07रात
शुक्र00:0700:57रात
बुध00:5701:48रात
चंद्र01:4802:39रात
शनि02:3903:30रात
गुरु03:3004:21रात
मंगल04:2105:12रात

अयनांश 24.2685° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।