3 जुलाई 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 3 जुलाई 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 3 जुलाई 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (10:20 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (21:09 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 15:37 से 17:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 19:04
रात 05:17 तक
तिथि
सप्तमी, 10:20 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 21:09 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:16 – 07:00टालें
उद्वेग07:00 – 08:43टालें
चर08:43 – 10:27सामान्य
लाभ10:27 – 12:10शुभ
अमृत12:10 – 13:53शुभ
काल13:53 – 15:37टालें
शुभ15:37 – 17:20शुभ
रोग17:20 – 19:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:04 – 20:20टालें
लाभ20:20 – 21:37शुभ
उद्वेग21:37 – 22:53टालें
शुभ22:53 – 00:10शुभ
अमृत00:10 – 01:27शुभ
चर01:27 – 02:43सामान्य
रोग02:43 – 04:00टालें
काल04:00 – 05:17टालें

3 जुलाई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 10:20 तक
कृष्ण अष्टमी 12:37, 4 जुल॰ तक
नक्षत्र
रेवती 00:04, 5 जुल॰ तक
योग
शोभन 01:24, 4 जुल॰ तक
अतिगंडअशुभ 02:20, 5 जुल॰ तक
करण
बव 10:20 तक
बालव 23:27 तक
कौलव 12:37, 4 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
23:35
चंद्रास्त
11:49
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
15:37 – 17:20
यमगंड
08:43 – 10:27
गुलिक काल
12:10 – 13:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1606:25दिन
सूर्य06:2507:34दिन
शुक्र07:3408:43दिन
बुध08:4309:52दिन
चंद्र09:5211:01दिन
शनि11:0112:10दिन
गुरु12:1013:19दिन
मंगल13:1914:28दिन
सूर्य14:2815:37दिन
शुक्र15:3716:46दिन
बुध16:4617:55दिन
चंद्र17:5519:04दिन
शनि19:0419:55रात
गुरु19:5520:46रात
मंगल20:4621:37रात
सूर्य21:3722:28रात
शुक्र22:2823:19रात
बुध23:1900:10रात
चंद्र00:1001:01रात
शनि01:0101:52रात
गुरु01:5202:43रात
मंगल02:4303:34रात
सूर्य03:3404:26रात
शुक्र04:2605:17रात

अयनांश 24.2692° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।