4 जुलाई 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 4 जुलाई 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 जुलाई 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (12:37 तक), नक्षत्र रेवती (00:04, 5 जुल॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 12:10 से 13:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 19:04
रात 05:17 तक
तिथि
अष्टमी, 12:37 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती, 00:04 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:17 – 07:00शुभ
अमृत07:00 – 08:43शुभ
काल08:43 – 10:27टालें
शुभ10:27 – 12:10शुभ
रोग12:10 – 13:53टालें
उद्वेग13:53 – 15:37टालें
चर15:37 – 17:20सामान्य
लाभ17:20 – 19:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:04 – 20:20टालें
शुभ20:20 – 21:37शुभ
अमृत21:37 – 22:54शुभ
चर22:54 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 01:27टालें
काल01:27 – 02:44टालें
लाभ02:44 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:17टालें

4 जुलाई 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 12:37 तक
कृष्ण नवमी 14:58, 5 जुल॰ तक
नक्षत्र
रेवती 00:04, 5 जुल॰ तक
अश्विनी 02:58, 6 जुल॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 02:20, 5 जुल॰ तक
सुकर्मा 03:14, 6 जुल॰ तक
करण
कौलव 12:37 तक
तैतिल 01:47, 5 जुल॰ तक
गर 14:58, 5 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मीन 00:04, 5 जुल॰ तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:41
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:38 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:10 – 13:53
यमगंड
07:00 – 08:43
गुलिक काल
10:27 – 12:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1706:26दिन
चंद्र06:2607:34दिन
शनि07:3408:43दिन
गुरु08:4309:52दिन
मंगल09:5211:01दिन
सूर्य11:0112:10दिन
शुक्र12:1013:19दिन
बुध13:1914:28दिन
चंद्र14:2815:37दिन
शनि15:3716:46दिन
गुरु16:4617:55दिन
मंगल17:5519:04दिन
सूर्य19:0419:55रात
शुक्र19:5520:46रात
बुध20:4621:37रात
चंद्र21:3722:28रात
शनि22:2823:19रात
गुरु23:1900:10रात
मंगल00:1001:01रात
सूर्य01:0101:53रात
शुक्र01:5302:44रात
बुध02:4403:35रात
चंद्र03:3504:26रात
शनि04:2605:17रात

अयनांश 24.2692° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।