30 नवंबर 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 नवंबर 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 नवंबर 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (14:58 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (04:10, 1 दिस॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 10:35 से 11:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:12
रात 06:37 तक
तिथि
नवमी, 14:58 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 04:10 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:37 – 07:56सामान्य
लाभ07:56 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:35शुभ
काल10:35 – 11:54टालें
शुभ11:54 – 13:14शुभ
रोग13:14 – 14:33टालें
उद्वेग14:33 – 15:53टालें
चर15:53 – 17:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:12 – 18:53टालें
काल18:53 – 20:33टालें
लाभ20:33 – 22:14शुभ
उद्वेग22:14 – 23:55टालें
शुभ23:55 – 01:35शुभ
अमृत01:35 – 03:16शुभ
चर03:16 – 04:57सामान्य
रोग04:57 – 06:37टालें

30 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 14:58 तक
कृष्ण दशमी 12:40, 1 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 04:10, 1 दिस॰ तक
हस्त 02:15, 2 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 10:09 तक
प्रीति 07:11, 1 दिस॰ तक
करण
गर 14:58 तक
वणिज 01:53, 1 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:40, 1 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 11:15 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
00:39
चंद्रास्त
12:55
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
10:35 – 11:54
यमगंड
14:33 – 15:53
गुलिक काल
07:56 – 09:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3707:30दिन
बुध07:3008:22दिन
चंद्र08:2209:15दिन
शनि09:1510:08दिन
गुरु10:0811:01दिन
मंगल11:0111:54दिन
सूर्य11:5412:47दिन
शुक्र12:4713:40दिन
बुध13:4014:33दिन
चंद्र14:3315:26दिन
शनि15:2616:19दिन
गुरु16:1917:12दिन
मंगल17:1218:19रात
सूर्य18:1919:26रात
शुक्र19:2620:33रात
बुध20:3321:40रात
चंद्र21:4022:48रात
शनि22:4823:55रात
गुरु23:5501:02रात
मंगल01:0202:09रात
सूर्य02:0903:16रात
शुक्र03:1604:23रात
बुध04:2305:30रात
चंद्र05:3006:37रात

अयनांश 24.2749° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।