8 अप्रैल 2025 को मालदा का चौघड़िया

मंगलवार, 8 अप्रैल 2025, मालदा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 8 अप्रैल 2025 को मालदा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (21:13 तक), नक्षत्र आश्लेषा (07:55 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 14:48 से 16:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:56
रात 05:21 तक
तिथि
एकादशी, 21:13 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:22 – 06:56टालें
उद्वेग06:56 – 08:30टालें
चर08:30 – 10:05सामान्य
लाभ10:05 – 11:39शुभ
अमृत11:39 – 13:13शुभ
काल13:13 – 14:48टालें
शुभ14:48 – 16:22शुभ
रोग16:22 – 17:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:56 – 19:22टालें
लाभ19:22 – 20:47शुभ
उद्वेग20:47 – 22:13टालें
शुभ22:13 – 23:38शुभ
अमृत23:38 – 01:04शुभ
चर01:04 – 02:30सामान्य
रोग02:30 – 03:55टालें
काल03:55 – 05:21टालें

8 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 21:13 तक
शुक्ल द्वादशी 22:56, 9 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 09:57, 9 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 18:10 तक
गंडअशुभ 18:25, 9 अप्रैल तक
करण
वणिज 08:32 तक
विष्टि (भद्रा) 21:13 तक
बव 10:01, 9 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 07:55 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
14:04
चंद्रास्त
02:44
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:04

अशुभ समय

राहुकाल
14:48 – 16:22
यमगंड
08:30 – 10:05
गुलिक काल
11:39 – 13:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2206:24दिन
सूर्य06:2407:27दिन
शुक्र07:2708:30दिन
बुध08:3009:33दिन
चंद्र09:3310:36दिन
शनि10:3611:39दिन
गुरु11:3912:42दिन
मंगल12:4213:45दिन
सूर्य13:4514:48दिन
शुक्र14:4815:51दिन
बुध15:5116:53दिन
चंद्र16:5317:56दिन
शनि17:5618:53रात
गुरु18:5319:50रात
मंगल19:5020:47रात
सूर्य20:4721:44रात
शुक्र21:4422:41रात
बुध22:4123:38रात
चंद्र23:3800:35रात
शनि00:3501:32रात
गुरु01:3202:30रात
मंगल02:3003:27रात
सूर्य03:2704:24रात
शुक्र04:2405:21रात

अयनांश 24.2100° (लाहिड़ी)। समय मालदा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।