11 अक्टूबर 2026 को मालदा का चौघड़िया

रविवार, 11 अक्टूबर 2026, मालदा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मालदा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (21:31 तक), नक्षत्र चित्रा (22:32 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 15:46 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 17:14
रात 05:34 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:31 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 22:32 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:33 – 07:01टालें
चर07:01 – 08:28सामान्य
लाभ08:28 – 09:56शुभ
अमृत09:56 – 11:24शुभ
काल11:24 – 12:51टालें
शुभ12:51 – 14:19शुभ
रोग14:19 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:14 – 18:46शुभ
अमृत18:46 – 20:19शुभ
चर20:19 – 21:51सामान्य
रोग21:51 – 23:24टालें
काल23:24 – 00:56टालें
लाभ00:56 – 02:29शुभ
उद्वेग02:29 – 04:01टालें
शुभ04:01 – 05:34शुभ

11 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:31 तक
शुक्ल द्वितीया 22:13, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 22:32 तक
स्वाति 23:52, 12 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:05 तक
विष्कंभअशुभ 20:32, 12 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 09:22 तक
बव 21:31 तक
बालव 09:48, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:04 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
05:58
चंद्रास्त
17:26
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:46 – 17:14
यमगंड
11:24 – 12:51
गुलिक काल
14:19 – 15:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3306:32दिन
शुक्र06:3207:30दिन
बुध07:3008:28दिन
चंद्र08:2809:27दिन
शनि09:2710:25दिन
गुरु10:2511:24दिन
मंगल11:2412:22दिन
सूर्य12:2213:20दिन
शुक्र13:2014:19दिन
बुध14:1915:17दिन
चंद्र15:1716:16दिन
शनि16:1617:14दिन
गुरु17:1418:16रात
मंगल18:1619:17रात
सूर्य19:1720:19रात
शुक्र20:1921:21रात
बुध21:2122:22रात
चंद्र22:2223:24रात
शनि23:2400:25रात
गुरु00:2501:27रात
मंगल01:2702:29रात
सूर्य02:2903:30रात
शुक्र03:3004:32रात
बुध04:3205:34रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय मालदा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।