21 अक्टूबर 2028 को मथुरा का चौघड़िया

शनिवार, 21 अक्टूबर 2028, मथुरा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 अक्टूबर 2028 को मथुरा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (21:48 तक), नक्षत्र अनुराधा (11:36 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 09:13 से 10:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 17:44
रात 06:23 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:48 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 11:36 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:22 – 07:48टालें
शुभ07:48 – 09:13शुभ
रोग09:13 – 10:38टालें
उद्वेग10:38 – 12:03टालें
चर12:03 – 13:28सामान्य
लाभ13:28 – 14:54शुभ
अमृत14:54 – 16:19शुभ
काल16:19 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:44 – 19:19शुभ
उद्वेग19:19 – 20:54टालें
शुभ20:54 – 22:29शुभ
अमृत22:29 – 00:04शुभ
चर00:04 – 01:38सामान्य
रोग01:38 – 03:13टालें
काल03:13 – 04:48टालें
लाभ04:48 – 06:23शुभ

21 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 21:48 तक
शुक्ल पंचमी 20:54, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 11:01, 22 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 15:43 तक
शोभन 13:39, 22 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 10:34 तक
विष्टि (भद्रा) 21:48 तक
बव 09:15, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
09:46
चंद्रास्त
20:16
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
09:13 – 10:38
यमगंड
13:28 – 14:54
गुलिक काल
06:22 – 07:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2207:19दिन
गुरु07:1908:16दिन
मंगल08:1609:13दिन
सूर्य09:1310:10दिन
शुक्र10:1011:06दिन
बुध11:0612:03दिन
चंद्र12:0313:00दिन
शनि13:0013:57दिन
गुरु13:5714:54दिन
मंगल14:5415:50दिन
सूर्य15:5016:47दिन
शुक्र16:4717:44दिन
बुध17:4418:47रात
चंद्र18:4719:50रात
शनि19:5020:54रात
गुरु20:5421:57रात
मंगल21:5723:00रात
सूर्य23:0000:04रात
शुक्र00:0401:07रात
बुध01:0702:10रात
चंद्र02:1003:13रात
शनि03:1304:17रात
गुरु04:1705:20रात
मंगल05:2006:23रात

अयनांश 24.2594° (लाहिड़ी)। समय मथुरा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।