27 मई 2025 को मुंबई का चौघड़िया

मंगलवार, 27 मई 2025, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 मई 2025 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:32 तक), नक्षत्र रोहिणी (02:50, 28 मई तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 19:10
रात 06:00 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:03 तक
नक्षत्र
रोहिणी, 02:50 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:00 – 07:39टालें
उद्वेग07:39 – 09:18टालें
चर09:18 – 10:56सामान्य
लाभ10:56 – 12:35शुभ
अमृत12:35 – 14:14शुभ
काल14:14 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:31शुभ
रोग17:31 – 19:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:10 – 20:31टालें
लाभ20:31 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:14टालें
शुभ23:14 – 00:35शुभ
अमृत00:35 – 01:56शुभ
चर01:56 – 03:18सामान्य
रोग03:18 – 04:39टालें
काल04:39 – 06:00टालें

27 मई 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 08:32 तक
शुक्ल प्रतिपदा 05:03, 28 मई तक
शुक्ल द्वितीया 01:54, 29 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:50, 28 मई तक
मृगशिरा 00:29, 29 मई तक
योग
सुकर्मा 22:54 तक
धृति 19:08, 28 मई तक
करण
नाग 08:32 तक
किंस्तुघ्न 18:45 तक
बव 05:03, 28 मई तक
बालव 15:25, 28 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
05:47
चंद्रास्त
19:41
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 13:02

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:31
यमगंड
09:18 – 10:56
गुलिक काल
12:35 – 14:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0007:06दिन
सूर्य07:0608:12दिन
शुक्र08:1209:18दिन
बुध09:1810:24दिन
चंद्र10:2411:29दिन
शनि11:2912:35दिन
गुरु12:3513:41दिन
मंगल13:4114:47दिन
सूर्य14:4715:53दिन
शुक्र15:5316:58दिन
बुध16:5818:04दिन
चंद्र18:0419:10दिन
शनि19:1020:04रात
गुरु20:0420:58रात
मंगल20:5821:53रात
सूर्य21:5322:47रात
शुक्र22:4723:41रात
बुध23:4100:35रात
चंद्र00:3501:29रात
शनि01:2902:23रात
गुरु02:2303:18रात
मंगल03:1804:12रात
सूर्य04:1205:06रात
शुक्र05:0606:00रात

अयनांश 24.2119° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।