30 अगस्त 2027 को मुंबई का चौघड़िया

सोमवार, 30 अगस्त 2027, मुंबई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 अगस्त 2027 को मुंबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (02:41, 31 अग॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:03, 31 अग॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 07:57 से 09:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:55
रात 06:23 तक
तिथि
चतुर्दशी, 02:41 तक
अमावस्या
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:03 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:23 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:31टालें
शुभ09:31 – 11:05शुभ
रोग11:05 – 12:39टालें
उद्वेग12:39 – 14:13टालें
चर14:13 – 15:47सामान्य
लाभ15:47 – 17:21शुभ
अमृत17:21 – 18:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:55 – 20:21सामान्य
रोग20:21 – 21:47टालें
काल21:47 – 23:13टालें
लाभ23:13 – 00:39शुभ
उद्वेग00:39 – 02:05टालें
शुभ02:05 – 03:31शुभ
अमृत03:31 – 04:57शुभ
चर04:57 – 06:23सामान्य

30 अगस्त 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 02:41, 31 अग॰ तक
अमावस्या 23:11, 31 अग॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:03, 31 अग॰ तक
मघा 22:20, 31 अग॰ तक
योग
परिघअशुभ 01:36, 31 अग॰ तक
शिव 21:36, 31 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:27 तक
शकुनि 02:41, 31 अग॰ तक
चतुष्पद 12:55, 31 अग॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:03, 31 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
04:38
चंद्रास्त
17:51
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
07:57 – 09:31
यमगंड
11:05 – 12:39
गुलिक काल
14:13 – 15:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2307:25दिन
शनि07:2508:28दिन
गुरु08:2809:31दिन
मंगल09:3110:33दिन
सूर्य10:3311:36दिन
शुक्र11:3612:39दिन
बुध12:3913:41दिन
चंद्र13:4114:44दिन
शनि14:4415:47दिन
गुरु15:4716:49दिन
मंगल16:4917:52दिन
सूर्य17:5218:55दिन
शुक्र18:5519:52रात
बुध19:5220:49रात
चंद्र20:4921:47रात
शनि21:4722:44रात
गुरु22:4423:41रात
मंगल23:4100:39रात
सूर्य00:3901:36रात
शुक्र01:3602:33रात
बुध02:3303:31रात
चंद्र03:3104:28रात
शनि04:2805:25रात
गुरु05:2506:23रात

अयनांश 24.2434° (लाहिड़ी)। समय मुंबई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।