5 अप्रैल 2025 को मैसूरु का चौघड़िया

शनिवार, 5 अप्रैल 2025, मैसूरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 5 अप्रैल 2025 को मैसूरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (19:27 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (05:32, 6 अप्रैल तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 09:21 से 10:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 18:34
रात 06:16 तक
तिथि
अष्टमी, 19:27 तक
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 05:32 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:17 – 07:49टालें
शुभ07:49 – 09:21शुभ
रोग09:21 – 10:54टालें
उद्वेग10:54 – 12:26टालें
चर12:26 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 17:02शुभ
काल17:02 – 18:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:34 – 20:02शुभ
उद्वेग20:02 – 21:30टालें
शुभ21:30 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:25शुभ
चर00:25 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:21टालें
काल03:21 – 04:49टालें
लाभ04:49 – 06:16शुभ

5 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 19:27 तक
शुक्ल नवमी 19:23, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 05:32, 6 अप्रैल तक
पुष्य 06:24, 7 अप्रैल तक
योग
अतिगंडअशुभ 20:03 तक
सुकर्मा 18:55, 6 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:44 तक
बव 19:27 तक
बालव 07:20, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मिथुन 23:25 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
12:24
चंद्रास्त
00:48
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
09:21 – 10:54
यमगंड
13:58 – 15:30
गुलिक काल
06:17 – 07:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1707:18दिन
गुरु07:1808:20दिन
मंगल08:2009:21दिन
सूर्य09:2110:23दिन
शुक्र10:2311:24दिन
बुध11:2412:26दिन
चंद्र12:2613:27दिन
शनि13:2714:29दिन
गुरु14:2915:30दिन
मंगल15:3016:32दिन
सूर्य16:3217:33दिन
शुक्र17:3318:34दिन
बुध18:3419:33रात
चंद्र19:3320:31रात
शनि20:3121:30रात
गुरु21:3022:28रात
मंगल22:2823:27रात
सूर्य23:2700:25रात
शुक्र00:2501:24रात
बुध01:2402:22रात
चंद्र02:2203:21रात
शनि03:2104:19रात
गुरु04:1905:18रात
मंगल05:1806:16रात

अयनांश 24.2099° (लाहिड़ी)। समय मैसूरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।