24 जनवरी 2026 को मैसूरु का चौघड़िया

शनिवार, 24 जनवरी 2026, मैसूरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 24 जनवरी 2026 को मैसूरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (00:40, 25 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (14:16 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 09:42 से 11:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:21
रात 06:49 तक
तिथि
षष्ठी, 00:40 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 14:16 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:49 – 08:15टालें
शुभ08:15 – 09:42शुभ
रोग09:42 – 11:08टालें
उद्वेग11:08 – 12:35टालें
चर12:35 – 14:02सामान्य
लाभ14:02 – 15:28शुभ
अमृत15:28 – 16:55शुभ
काल16:55 – 18:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:21 – 19:55शुभ
उद्वेग19:55 – 21:28टालें
शुभ21:28 – 23:02शुभ
अमृत23:02 – 00:35शुभ
चर00:35 – 02:08सामान्य
रोग02:08 – 03:42टालें
काल03:42 – 05:15टालें
लाभ05:15 – 06:49शुभ

24 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 00:40, 25 जन॰ तक
शुक्ल सप्तमी 23:10, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 13:35, 25 जन॰ तक
योग
शिव 14:01 तक
सिद्ध 11:45, 25 जन॰ तक
करण
कौलव 13:16 तक
तैतिल 00:40, 25 जन॰ तक
गर 11:58, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
10:32
चंद्रास्त
23:08
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
09:42 – 11:08
यमगंड
14:02 – 15:28
गुलिक काल
06:49 – 08:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4907:46दिन
गुरु07:4608:44दिन
मंगल08:4409:42दिन
सूर्य09:4210:40दिन
शुक्र10:4011:37दिन
बुध11:3712:35दिन
चंद्र12:3513:33दिन
शनि13:3314:30दिन
गुरु14:3015:28दिन
मंगल15:2816:26दिन
सूर्य16:2617:24दिन
शुक्र17:2418:21दिन
बुध18:2119:24रात
चंद्र19:2420:26रात
शनि20:2621:28रात
गुरु21:2822:30रात
मंगल22:3023:33रात
सूर्य23:3300:35रात
शुक्र00:3501:37रात
बुध01:3702:40रात
चंद्र02:4003:42रात
शनि03:4204:44रात
गुरु04:4405:46रात
मंगल05:4606:49रात

अयनांश 24.2211° (लाहिड़ी)। समय मैसूरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।