22 जनवरी 2029 को मैसूरु का चौघड़िया

सोमवार, 22 जनवरी 2029, मैसूरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 जनवरी 2029 को मैसूरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (11:43 तक), नक्षत्र रेवती (07:12 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 08:15 से 09:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:20
रात 06:49 तक
तिथि
सप्तमी, 11:43 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:49 – 08:15शुभ
काल08:15 – 09:42टालें
शुभ09:42 – 11:08शुभ
रोग11:08 – 12:35टालें
उद्वेग12:35 – 14:01टालें
चर14:01 – 15:28सामान्य
लाभ15:28 – 16:54शुभ
अमृत16:54 – 18:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:20 – 19:54सामान्य
रोग19:54 – 21:28टालें
काल21:28 – 23:01टालें
लाभ23:01 – 00:35शुभ
उद्वेग00:35 – 02:08टालें
शुभ02:08 – 03:42शुभ
अमृत03:42 – 05:15शुभ
चर05:15 – 06:49सामान्य

22 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 11:43 तक
शुक्ल अष्टमी 13:57, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:12 तक
अश्विनी 09:56, 23 जन॰ तक
योग
सिद्ध 10:49 तक
साध्य 11:26, 23 जन॰ तक
करण
वणिज 11:43 तक
विष्टि (भद्रा) 00:53, 23 जन॰ तक
बव 13:57, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 07:12 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
11:33
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
08:15 – 09:42
यमगंड
11:08 – 12:35
गुलिक काल
14:01 – 15:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4907:46दिन
शनि07:4608:44दिन
गुरु08:4409:42दिन
मंगल09:4210:39दिन
सूर्य10:3911:37दिन
शुक्र11:3712:35दिन
बुध12:3513:32दिन
चंद्र13:3214:30दिन
शनि14:3015:28दिन
गुरु15:2816:25दिन
मंगल16:2517:23दिन
सूर्य17:2318:20दिन
शुक्र18:2019:23रात
बुध19:2320:25रात
चंद्र20:2521:28रात
शनि21:2822:30रात
गुरु22:3023:32रात
मंगल23:3200:35रात
सूर्य00:3501:37रात
शुक्र01:3702:39रात
बुध02:3903:42रात
चंद्र03:4204:44रात
शनि04:4405:46रात
गुरु05:4606:49रात

अयनांश 24.2630° (लाहिड़ी)। समय मैसूरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।