25 सितंबर 2029 को मैसूरु का चौघड़िया

मंगलवार, 25 सितंबर 2029, मैसूरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 25 सितंबर 2029 को मैसूरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (04:45, 26 सित॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (01:36, 26 सित॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 15:16 से 16:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:17
रात 06:12 तक
तिथि
तृतीया, 04:45 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अश्विनी, 01:36 तक
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:12 – 07:43टालें
उद्वेग07:43 – 09:13टालें
चर09:13 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:14शुभ
अमृत12:14 – 13:45शुभ
काल13:45 – 15:16टालें
शुभ15:16 – 16:46शुभ
रोग16:46 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:17 – 19:46टालें
लाभ19:46 – 21:16शुभ
उद्वेग21:16 – 22:45टालें
शुभ22:45 – 00:14शुभ
अमृत00:14 – 01:44शुभ
चर01:44 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:43टालें
काल04:43 – 06:12टालें

25 सितंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 04:45, 26 सित॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 07:20, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 01:36, 26 सित॰ तक
भरणी 04:40, 27 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 03:55, 26 सित॰ तक
हर्षण 04:55, 27 सित॰ तक
करण
वणिज 15:29 तक
विष्टि (भद्रा) 04:45, 26 सित॰ तक
बव 18:02, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
19:54
चंद्रास्त
08:00
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:16 – 16:46
यमगंड
09:13 – 10:44
गुलिक काल
12:14 – 13:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1207:12दिन
सूर्य07:1208:13दिन
शुक्र08:1309:13दिन
बुध09:1310:14दिन
चंद्र10:1411:14दिन
शनि11:1412:14दिन
गुरु12:1413:15दिन
मंगल13:1514:15दिन
सूर्य14:1515:16दिन
शुक्र15:1616:16दिन
बुध16:1617:17दिन
चंद्र17:1718:17दिन
शनि18:1719:17रात
गुरु19:1720:16रात
मंगल20:1621:16रात
सूर्य21:1622:15रात
शुक्र22:1523:15रात
बुध23:1500:14रात
चंद्र00:1401:14रात
शनि01:1402:14रात
गुरु02:1403:13रात
मंगल03:1304:13रात
सूर्य04:1305:12रात
शुक्र05:1206:12रात

अयनांश 24.2724° (लाहिड़ी)। समय मैसूरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।