10 जनवरी 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (10:20 तक), नक्षत्र कृत्तिका (13:45 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 11:05 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 18:00
रात 06:56 तक
तिथि
एकादशी, 10:20 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 13:45 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:56 – 08:19सामान्य
लाभ08:19 – 09:42शुभ
अमृत09:42 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 13:51शुभ
रोग13:51 – 15:14टालें
उद्वेग15:14 – 16:37टालें
चर16:37 – 18:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:00 – 19:37टालें
काल19:37 – 21:14टालें
लाभ21:14 – 22:51शुभ
उद्वेग22:51 – 00:28टालें
शुभ00:28 – 02:05शुभ
अमृत02:05 – 03:42शुभ
चर03:42 – 05:19सामान्य
रोग05:19 – 06:56टालें

10 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 10:20 तक
शुक्ल द्वादशी 08:22, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 12:29, 11 जन॰ तक
योग
शुभ 14:36 तक
शुक्ल 11:48, 11 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:20 तक
बव 21:20 तक
बालव 08:22, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
14:29
चंद्रास्त
03:15
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
11:05 – 12:28
यमगंड
15:14 – 16:37
गुलिक काल
08:19 – 09:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5607:51दिन
बुध07:5108:47दिन
चंद्र08:4709:42दिन
शनि09:4210:37दिन
गुरु10:3711:33दिन
मंगल11:3312:28दिन
सूर्य12:2813:23दिन
शुक्र13:2314:18दिन
बुध14:1815:14दिन
चंद्र15:1416:09दिन
शनि16:0917:04दिन
गुरु17:0418:00दिन
मंगल18:0019:04रात
सूर्य19:0420:09रात
शुक्र20:0921:14रात
बुध21:1422:18रात
चंद्र22:1823:23रात
शनि23:2300:28रात
गुरु00:2801:33रात
मंगल01:3302:37रात
सूर्य02:3703:42रात
शुक्र03:4204:47रात
बुध04:4705:51रात
चंद्र05:5106:56रात

अयनांश 24.2066° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।