11 जनवरी 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

शनिवार, 11 जनवरी 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 11 जनवरी 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:22 तक), नक्षत्र रोहिणी (12:29 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 09:42 से 11:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 18:00
रात 06:56 तक
तिथि
त्रयोदशी, 06:34 तक
नक्षत्र
रोहिणी, 12:29 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:56 – 08:19टालें
शुभ08:19 – 09:42शुभ
रोग09:42 – 11:05टालें
उद्वेग11:05 – 12:28टालें
चर12:28 – 13:51सामान्य
लाभ13:51 – 15:14शुभ
अमृत15:14 – 16:37शुभ
काल16:37 – 18:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:00 – 19:37शुभ
उद्वेग19:37 – 21:14टालें
शुभ21:14 – 22:51शुभ
अमृत22:51 – 00:28शुभ
चर00:28 – 02:05सामान्य
रोग02:05 – 03:42टालें
काल03:42 – 05:19टालें
लाभ05:19 – 06:56शुभ

11 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:22 तक
शुक्ल त्रयोदशी 06:34, 12 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 05:03, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 12:29 तक
मृगशिरा 11:24, 12 जन॰ तक
योग
शुक्ल 11:48 तक
ब्रह्म 09:09, 12 जन॰ तक
करण
बालव 08:22 तक
कौलव 19:26 तक
तैतिल 06:34, 12 जन॰ तक
गर 17:46, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:55 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
15:25
चंद्रास्त
04:20
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
09:42 – 11:05
यमगंड
13:51 – 15:14
गुलिक काल
06:56 – 08:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5607:52दिन
गुरु07:5208:47दिन
मंगल08:4709:42दिन
सूर्य09:4210:38दिन
शुक्र10:3811:33दिन
बुध11:3312:28दिन
चंद्र12:2813:24दिन
शनि13:2414:19दिन
गुरु14:1915:14दिन
मंगल15:1416:10दिन
सूर्य16:1017:05दिन
शुक्र17:0518:00दिन
बुध18:0019:05रात
चंद्र19:0520:10रात
शनि20:1021:14रात
गुरु21:1422:19रात
मंगल22:1923:24रात
सूर्य23:2400:28रात
शुक्र00:2801:33रात
बुध01:3302:38रात
चंद्र02:3803:42रात
शनि03:4204:47रात
गुरु04:4705:52रात
मंगल05:5206:56रात

अयनांश 24.2067° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।