15 अप्रैल 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 15 अप्रैल 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 15 अप्रैल 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:55 तक), नक्षत्र विशाखा (03:10, 16 अप्रैल तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 15:29 से 17:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 18:38
रात 06:02 तक
तिथि
द्वितीया, 10:55 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 03:10 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:03 – 07:37टालें
उद्वेग07:37 – 09:12टालें
चर09:12 – 10:46सामान्य
लाभ10:46 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 13:55शुभ
काल13:55 – 15:29टालें
शुभ15:29 – 17:03शुभ
रोग17:03 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:38 – 20:03टालें
लाभ20:03 – 21:29शुभ
उद्वेग21:29 – 22:54टालें
शुभ22:54 – 00:20शुभ
अमृत00:20 – 01:46शुभ
चर01:46 – 03:11सामान्य
रोग03:11 – 04:37टालें
काल04:37 – 06:02टालें

15 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:55 तक
कृष्ण तृतीया 13:17, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 03:10, 16 अप्रैल तक
अनुराधा 05:55, 17 अप्रैल तक
योग
सिद्धि 23:32 तक
व्यतीपातअशुभ 00:18, 17 अप्रैल तक
करण
गर 10:55 तक
वणिज 00:08, 16 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 13:17, 16 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 20:27 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
20:42
चंद्रास्त
07:11
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:29 – 17:03
यमगंड
09:12 – 10:46
गुलिक काल
12:20 – 13:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0307:06दिन
सूर्य07:0608:09दिन
शुक्र08:0909:12दिन
बुध09:1210:15दिन
चंद्र10:1511:17दिन
शनि11:1712:20दिन
गुरु12:2013:23दिन
मंगल13:2314:26दिन
सूर्य14:2615:29दिन
शुक्र15:2916:32दिन
बुध16:3217:35दिन
चंद्र17:3518:38दिन
शनि18:3819:35रात
गुरु19:3520:32रात
मंगल20:3221:29रात
सूर्य21:2922:26रात
शुक्र22:2623:23रात
बुध23:2300:20रात
चंद्र00:2001:17रात
शनि01:1702:14रात
गुरु02:1403:11रात
मंगल03:1104:08रात
सूर्य04:0805:05रात
शुक्र05:0506:02रात

अयनांश 24.2103° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।