26 सितंबर 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (09:33 तक), नक्षत्र विशाखा (22:09 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 18:13
रात 06:10 तक
तिथि
चतुर्थी, 09:33 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 22:09 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:10 – 07:40सामान्य
लाभ07:40 – 09:11शुभ
अमृत09:11 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:11टालें
शुभ12:11 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:12टालें
उद्वेग15:12 – 16:43टालें
चर16:43 – 18:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:13 – 19:43टालें
काल19:43 – 21:12टालें
लाभ21:12 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:12टालें
शुभ00:12 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 03:11शुभ
चर03:11 – 04:40सामान्य
रोग04:40 – 06:10टालें

26 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 09:33 तक
शुक्ल पंचमी 12:04, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 22:09 तक
अनुराधा 01:08, 28 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 22:50 तक
प्रीति 23:45, 27 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:33 तक
बव 22:49 तक
बालव 12:04, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 15:23 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
09:44
चंद्रास्त
20:55
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:11
यमगंड
15:12 – 16:43
गुलिक काल
07:40 – 09:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1007:10दिन
बुध07:1008:10दिन
चंद्र08:1009:11दिन
शनि09:1110:11दिन
गुरु10:1111:11दिन
मंगल11:1112:11दिन
सूर्य12:1113:12दिन
शुक्र13:1214:12दिन
बुध14:1215:12दिन
चंद्र15:1216:12दिन
शनि16:1217:13दिन
गुरु17:1318:13दिन
मंगल18:1319:13रात
सूर्य19:1320:12रात
शुक्र20:1221:12रात
बुध21:1222:12रात
चंद्र22:1223:12रात
शनि23:1200:12रात
गुरु00:1201:11रात
मंगल01:1102:11रात
सूर्य02:1103:11रात
शुक्र03:1104:11रात
बुध04:1105:10रात
चंद्र05:1006:10रात

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।