29 दिसंबर 2025 को नांदेड़ का चौघड़िया

सोमवार, 29 दिसंबर 2025, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (10:12 तक), नक्षत्र रेवती (07:41 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 08:15 से 09:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 17:52
रात 06:53 तक
तिथि
नवमी, 10:12 तक
दशमी
नक्षत्र
अश्विनी, 06:04 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:53 – 08:15शुभ
काल08:15 – 09:37टालें
शुभ09:37 – 11:00शुभ
रोग11:00 – 12:22टालें
उद्वेग12:22 – 13:45टालें
चर13:45 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:30शुभ
अमृत16:30 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:52 – 19:30सामान्य
रोग19:30 – 21:07टालें
काल21:07 – 22:45टालें
लाभ22:45 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 02:00टालें
शुभ02:00 – 03:38शुभ
अमृत03:38 – 05:15शुभ
चर05:15 – 06:53सामान्य

29 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 10:12 तक
शुक्ल दशमी 07:51, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:41 तक
अश्विनी 06:04, 30 दिस॰ तक
भरणी 03:58, 31 दिस॰ तक
योग
परिघअशुभ 07:36 तक
शिव 04:31, 30 दिस॰ तक
सिद्ध 01:02, 31 दिस॰ तक
करण
कौलव 10:12 तक
तैतिल 21:06 तक
गर 07:51, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मीन 07:41 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
13:05
चंद्रास्त
01:16
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
08:15 – 09:37
यमगंड
11:00 – 12:22
गुलिक काल
13:45 – 15:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5307:48दिन
शनि07:4808:42दिन
गुरु08:4209:37दिन
मंगल09:3710:32दिन
सूर्य10:3211:27दिन
शुक्र11:2712:22दिन
बुध12:2213:17दिन
चंद्र13:1714:12दिन
शनि14:1215:07दिन
गुरु15:0716:02दिन
मंगल16:0216:57दिन
सूर्य16:5717:52दिन
शुक्र17:5218:57रात
बुध18:5720:02रात
चंद्र20:0221:07रात
शनि21:0722:12रात
गुरु22:1223:17रात
मंगल23:1700:22रात
सूर्य00:2201:28रात
शुक्र01:2802:33रात
बुध02:3303:38रात
चंद्र03:3804:43रात
शनि04:4305:48रात
गुरु05:4806:53रात

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।