6 जनवरी 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 6 जनवरी 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (08:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:17 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 15:11 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:57
रात 06:55 तक
तिथि
चतुर्थी, 06:53 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:55 – 08:18टालें
उद्वेग08:18 – 09:41टालें
चर09:41 – 11:03सामान्य
लाभ11:03 – 12:26शुभ
अमृत12:26 – 13:49शुभ
काल13:49 – 15:11टालें
शुभ15:11 – 16:34शुभ
रोग16:34 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:57 – 19:34टालें
लाभ19:34 – 21:12शुभ
उद्वेग21:12 – 22:49टालें
शुभ22:49 – 00:26शुभ
अमृत00:26 – 02:03शुभ
चर02:03 – 03:41सामान्य
रोग03:41 – 05:18टालें
काल05:18 – 06:55टालें

6 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 08:02 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:53, 7 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 06:34, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56, 7 जन॰ तक
योग
प्रीति 20:21 तक
आयुष्मान 18:33, 7 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:02 तक
बव 19:21 तक
बालव 06:53, 7 जन॰ तक
कौलव 18:37, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 12:17 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
21:05
चंद्रास्त
09:20
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
15:11 – 16:34
यमगंड
09:41 – 11:03
गुलिक काल
12:26 – 13:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5507:50दिन
सूर्य07:5008:45दिन
शुक्र08:4509:41दिन
बुध09:4110:36दिन
चंद्र10:3611:31दिन
शनि11:3112:26दिन
गुरु12:2613:21दिन
मंगल13:2114:16दिन
सूर्य14:1615:11दिन
शुक्र15:1116:07दिन
बुध16:0717:02दिन
चंद्र17:0217:57दिन
शनि17:5719:02रात
गुरु19:0220:07रात
मंगल20:0721:12रात
सूर्य21:1222:16रात
शुक्र22:1623:21रात
बुध23:2100:26रात
चंद्र00:2601:31रात
शनि01:3102:36रात
गुरु02:3603:41रात
मंगल03:4104:46रात
सूर्य04:4605:50रात
शुक्र05:5006:55रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।