2 नवंबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

सोमवार, 2 नवंबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (13:10 तक), नक्षत्र आश्लेषा (03:46, 3 नव॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 07:47 से 09:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:46
रात 06:22 तक
तिथि
अष्टमी, 13:10 तक
नवमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 03:46 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:21 – 07:47शुभ
काल07:47 – 09:12टालें
शुभ09:12 – 10:38शुभ
रोग10:38 – 12:04टालें
उद्वेग12:04 – 13:29टालें
चर13:29 – 14:55सामान्य
लाभ14:55 – 16:21शुभ
अमृत16:21 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:46 – 19:21सामान्य
रोग19:21 – 20:55टालें
काल20:55 – 22:30टालें
लाभ22:30 – 00:04शुभ
उद्वेग00:04 – 01:38टालें
शुभ01:38 – 03:13शुभ
अमृत03:13 – 04:47शुभ
चर04:47 – 06:22सामान्य

2 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 13:10 तक
कृष्ण नवमी 11:55, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 03:46, 3 नव॰ तक
मघा 03:26, 4 नव॰ तक
योग
शुभ 12:06 तक
शुक्ल 09:54, 3 नव॰ तक
करण
कौलव 13:10 तक
तैतिल 00:29, 3 नव॰ तक
गर 11:55, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 03:46, 3 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:12
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:47 – 09:12
यमगंड
10:38 – 12:04
गुलिक काल
13:29 – 14:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2107:18दिन
शनि07:1808:15दिन
गुरु08:1509:12दिन
मंगल09:1210:09दिन
सूर्य10:0911:07दिन
शुक्र11:0712:04दिन
बुध12:0413:01दिन
चंद्र13:0113:58दिन
शनि13:5814:55दिन
गुरु14:5515:52दिन
मंगल15:5216:49दिन
सूर्य16:4917:46दिन
शुक्र17:4618:49रात
बुध18:4919:52रात
चंद्र19:5220:55रात
शनि20:5521:58रात
गुरु21:5823:01रात
मंगल23:0100:04रात
सूर्य00:0401:07रात
शुक्र01:0702:10रात
बुध02:1003:13रात
चंद्र03:1304:16रात
शनि04:1605:19रात
गुरु05:1906:22रात

अयनांश 24.2319° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।