24 नवंबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

मंगलवार, 24 नवंबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (20:23 तक), नक्षत्र कृत्तिका (23:25 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 14:54 से 16:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:41
रात 06:33 तक
तिथि
पूर्णिमा, 20:23 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
कृत्तिका, 23:25 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:33 – 07:56टालें
उद्वेग07:56 – 09:20टालें
चर09:20 – 10:43सामान्य
लाभ10:43 – 12:07शुभ
अमृत12:07 – 13:30शुभ
काल13:30 – 14:54टालें
शुभ14:54 – 16:17शुभ
रोग16:17 – 17:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:41 – 19:17टालें
लाभ19:17 – 20:54शुभ
उद्वेग20:54 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:07शुभ
अमृत00:07 – 01:44शुभ
चर01:44 – 03:20सामान्य
रोग03:20 – 04:57टालें
काल04:57 – 06:33टालें

24 नवंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 20:23 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:50, 25 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:36, 25 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 16:05 तक
शिव 11:59, 25 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:05 तक
बव 20:23 तक
बालव 06:38, 25 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 07:24 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
17:18
चंद्रास्त
06:01
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
14:54 – 16:17
यमगंड
09:20 – 10:43
गुलिक काल
12:07 – 13:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3307:29दिन
सूर्य07:2908:24दिन
शुक्र08:2409:20दिन
बुध09:2010:15दिन
चंद्र10:1511:11दिन
शनि11:1112:07दिन
गुरु12:0713:02दिन
मंगल13:0213:58दिन
सूर्य13:5814:54दिन
शुक्र14:5415:49दिन
बुध15:4916:45दिन
चंद्र16:4517:41दिन
शनि17:4118:45रात
गुरु18:4519:49रात
मंगल19:4920:54रात
सूर्य20:5421:58रात
शुक्र21:5823:03रात
बुध23:0300:07रात
चंद्र00:0701:11रात
शनि01:1102:16रात
गुरु02:1603:20रात
मंगल03:2004:25रात
सूर्य04:2505:29रात
शुक्र05:2906:33रात

अयनांश 24.2328° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।