25 नवंबर 2026 को नांदेड़ का चौघड़िया

बुधवार, 25 नवंबर 2026, नांदेड़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 नवंबर 2026 को नांदेड़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (16:50 तक), नक्षत्र रोहिणी (20:36 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 12:07 से 13:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:41
रात 06:34 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:50 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रोहिणी, 20:36 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:33 – 07:57शुभ
अमृत07:57 – 09:20शुभ
काल09:20 – 10:44टालें
शुभ10:44 – 12:07शुभ
रोग12:07 – 13:30टालें
उद्वेग13:30 – 14:54टालें
चर14:54 – 16:17सामान्य
लाभ16:17 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:41 – 19:17टालें
शुभ19:17 – 20:54शुभ
अमृत20:54 – 22:31शुभ
चर22:31 – 00:07सामान्य
रोग00:07 – 01:44टालें
काल01:44 – 03:21टालें
लाभ03:21 – 04:57शुभ
उद्वेग04:57 – 06:34टालें

25 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 16:50 तक
कृष्ण द्वितीया 13:15, 26 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:36 तक
मृगशिरा 17:47, 26 नव॰ तक
योग
शिव 11:59 तक
सिद्ध 07:49, 26 नव॰ तक
करण
बालव 06:38 तक
कौलव 16:50 तक
तैतिल 03:02, 26 नव॰ तक
गर 13:15, 26 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
18:19
चंद्रास्त
07:10
दिनमान
11h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:29 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:07 – 13:30
यमगंड
07:57 – 09:20
गुलिक काल
10:44 – 12:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3307:29दिन
चंद्र07:2908:25दिन
शनि08:2509:20दिन
गुरु09:2010:16दिन
मंगल10:1611:11दिन
सूर्य11:1112:07दिन
शुक्र12:0713:03दिन
बुध13:0313:58दिन
चंद्र13:5814:54दिन
शनि14:5415:49दिन
गुरु15:4916:45दिन
मंगल16:4517:41दिन
सूर्य17:4118:45रात
शुक्र18:4519:50रात
बुध19:5020:54रात
चंद्र20:5421:58रात
शनि21:5823:03रात
गुरु23:0300:07रात
मंगल00:0701:12रात
सूर्य01:1202:16रात
शुक्र02:1603:21रात
बुध03:2104:25रात
चंद्र04:2505:30रात
शनि05:3006:34रात

अयनांश 24.2328° (लाहिड़ी)। समय नांदेड़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।